कॉलम

मेरी हरिद्वार यात्रा: भारतेंदु हरीशचंद्र का यात्रा-वृत्तांत

सन 1871 की यात्रा (हरिद्वार) के बाद भारतेन्दु ने हरिद्वार के एक पण्डे को पत्र में लिखा था-(Haridwar Travelogue by…

4 years ago

तीर्थयात्रियों को बद्रीनाथ ले जाने वाला एक हेलीकॉप्टर जिसे सफेद चीटियां चट कर गयी

1934 का साल था. इंग्लैण्ड से एक हेलीकॉप्टर भारत लाया गया. हिमालया एयर ट्रांसपोर्ट एंड सर्वे को. लिमिटेड नाम की…

4 years ago

दिल्ली से गांव लौटने की एक पुरानी याद

पहाड़ जाना उन दिनों सबसे प्रिय दिनों में होता था. कब स्कूली छुट्टियां मिले कब गांव जायें, यह बहुत बड़ा…

4 years ago

हिमालय में जलविद्युत परियोजना के नाम पर नदियों-पहाड़ों का विनाश

यदि आपसे पूछा जाए कि एक नदी की स्वाभाविक प्रकृति क्या है? तो निश्चित ही आपका जवाब होगा-अपने तयशुदा मार्ग…

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शिवलिंग का पूजन उत्तराखंड के इस धाम से शुरू हुआ था

शिव को अनेक रूपों में पूजा जाता है उन्हीं रूपों में एक है शिवलिंग. पौराणिक कथानुसार माना गया है कि…

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रहस्यमयी रूपकुंड से जुड़ी कहानियां

रूपकुंड यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर है. लेकिन उंचाई ज्यादा होने से रास्ता बहुत लंबा और थकान भरा महसूस…

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ईश्वर के अस्तित्व पर महात्मा गांधी का अनमोल भाषण

अक्टूबर 1931 में महात्मा गांधी लंदन गए थे, वहां उन्होंने किंग्सले हॉल में बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए लोगों को…

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चटोराबाद में मोहिनी से भेंट

मोहिनी मोहक है. मोहिनी मनभावन है. मोहिनी आज भैया के पास खड़ी है. मोहिनी स्थिर है. मोहिनी स्वाधार है. उसका…

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पहाड़ में राजस्व के साथ पुलिस भी संभाले पटवारी

गों घर हो या पट्टी, अंग्रेज की शकल किसने देखी? पर पटवारी वो तो साक्षात् राजसेब हुआ.जरा उसकी आँख में…

4 years ago