कॉलम

पहाड़ों में चीड़ के पेड़ को अपवित्र मानने के पीछे की लोककथा

एक बार भादौ के महीने में गौरी कैलाश से अपने मायके के लिये निकलती हैं और रास्ता भटक जाती हैं.…

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शिवरात्रि के बाद कुमाऊं की होली में यौवन का रंग भरने लगता है

https://www.youtube.com/watch?v=E-rzeDDsiuI&list=PLyZyHtcUKK2UKKs3mnDI9845lwGVURGC4&index=5 कहते हैं शिवरात्रि के बाद कुमाऊं की होली में यौवन का रंग भरने लगता है. शिवरात्रि के दिन से…

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महाशिवरात्रि पर्व पर ‘सोमेश्वर महादेव’ से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

सोमेश्वर क्षेत्र शिव की घाटी के रूप में भी जाना जाता है. इसे पूरे क्षेत्र में 12 से अधिक शिव…

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हल्द्वानी से बॉलीवुड तक अभिनेता जसपाल शर्मा का सफ़र

https://www.youtube.com/embed/laLmd1yIgt0 (हल्द्वानी में नुक्कड़ नाटक करते हुए जसपाल शर्मा ने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत की, फिर थिएटर करते हुए 'तलवार'…

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शिव के प्यारे नाग

नाग नागिन का संसार बड़े रोचक आख्यानों से भरा पड़ा है. उत्तराखंड में नागपूजा आदिकाल से ही प्रचलित मानी गई.…

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कुमाऊं का सबसे समृद्ध कौतिक था ‘ठुल थल’

कुमाऊं में लगने वाले मेलों में थल का मेला सबसे महत्वपूर्ण मेलों में शामिल रहा है जो धार्मिक और व्यापारिक…

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बुढ़िया के घर में नौसिखिया लड़का- लोककथा

एक बार एक बुढ़िया ने जातर ठीक करने के लिये कुंवर सिंह नाम के व्यक्ति को बुलावा भेजा. कुंवर सिंह…

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सुल्ताना डाकू और कल्लू धोबी का गधा

सुल्ताना डाकू अमावस की रात डाका डालने आने वाला था. उसने चिठ्ठी लिखकर बताया था कि डाके के दौरान औरतों-बच्चों…

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‘धूर्त सिपाही’ कुमाऊनी लोककथा

आहा तो हुआ जेठ के महीने की चटक धूप लगी हुई थी. सफ़र में निकला एक सिपाही भूखा और प्यासा…

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1935 में जब टिहरी में पहला रेडियो आया

बात 1935 की है, रियासत टिहरी पर महाराजा नरेन्द्रशाह का शासन था. रियासत भर में महाराजा के पास ही एकमात्र…

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