कला साहित्य

चिपको आन्दोलन के प्रभावों को साफगोई से सामने रखता दावानल

सन 2008 में प्रकाशित चर्चित उपन्यास 'दावानल' मैं कई बार पढ़ चुका हूँ. इसे पढ़ने में हर बार एक नया…

8 years ago

कामसूत्र से कुछ सबक

कामसूत्र से कुछ सबक - महमूद दरवेश आसमानी प्याले के साथ उसका इन्तज़ार करो ख़ुशबूदार ग़ुलाबों के बीच वसन्त की…

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मॉल चलो भई मॉल चलो: नए बखत का शहरी गाना

चिंटू –चिन्नी, पापा –मम्मी साथ में उनके बाबा–ईजा तोंद–पोंद से लटक रहे थे जाने कितने बर्गर–पीजा हफ्ते भर की भूख…

8 years ago

शैलेश मटियानी एक लेखक का नाम है

विधाता जब किसी को भरपूर प्रतिभा देता है तो उसके साथ ऐसी विसंगतियाँ भी जोड़ देता है कि उसके लिए…

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एक थी ओरियाना फ़ल्लाची

इटली की ओरियाना फ़ल्लाची (२९ जून १९२९-१५ सितम्बर २००६) पत्रकारिता की दुनिया में विश्वविख्यात नाम है. बाद के दिनों में…

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द नेम इज़ बॉन्ड, रस्किन बॉन्ड

जो भी मसूरी आता है, उनके बारे में पूछता है, कहां रहते हैं, कैसे दिखते हैं और यहां तक कि…

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चन्द्रधर शर्मा गुलेरी और उनके लुच्चों के गीत के बहाने

हिन्दी पढ़ने - पढ़ाने वालों की एक अलग दुनिया है जो इसी दुनिया में होते हुए भी अलग - सी…

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हमें शीशी भी नहीं चाहिए, हम अपनी शीशी साथ ले कर आए हैं

किस्सा गंजनाशक तेल और दो यारों का -शम्भू राणा उन दोनो की दोस्ती काफी पुरानी और गाढ़ी थी. दोनों की…

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अल्मोड़िया राइटर डेढ़ यार: पहुंचे टेसन अंधेरी-खार

अल्मोड़ा से बम्बई चले डेढ़ यार – दूसरी क़िस्त पिछली क़िस्त में उत्तराखंड से हिंदी साहित्य में कूद पड़े हमारे…

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बड़े हिन्दी कवि विष्णु खरे को ब्रेन स्ट्रोक

हिन्दी भाषा के वरिष्ठ कवि और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के जाने-माने सम्पादक-अनुवादक विष्णु खरे को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है. दिल्ली के…

8 years ago