समाज

‘पत्थर और पानी’ एक यात्री की बचपन की ओर यात्रा

‘जोहार में भारत के आखिरी गांव मिलम ने निकट आकर मुझे पहले यह अहसास दिया कि जैसे बस्ती और सभ्यता…

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‘भिटौली’ छापरी से ऑनलाइन तक

पहाड़ों खासकर कुमाऊं में चैत्र माह यानी नववर्ष के पहले महिने बहिन बेटी को भिटौली देने की एक अनूठी परम्परा…

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मशकबीन: विदेशी मूल का नया लोकवाद्य

आज 10 मार्च को विश्व मशकबीन दिवस है. इस दिन, मशकबीन के सदियों पुराने इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को ससम्मान…

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माँ जगदंबा सिद्ध पीठ डोलीडाना

डोलीडाना मंदिर अल्मोड़ा शहर से लगभग 3 किलोमीटर आगे गरमपानी-भवाली की ओर कर्बला के निकट पहाड़ी पर स्थित है. मुस्लिम…

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छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : पर्वतों के पेड़ों पर शाम का बसेरा है

पिछली कड़ी : छिपलाकोट अन्तर्यात्रा : कोई न रोके दिल की उड़ान को काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये…

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महिलाओं के हिस्से है पहाड़ की खेती

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree भारतवर्ष के अन्य पर्वतीय प्रदेषों की भांति कृषि…

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क्योंकि राम हमारे आराध्य, हमारे आदर्श हैं.

दीपावली का पावन त्योहार, जो प्रतीक है 14 वर्ष के उपरान्त भगवान राम के वनवास से लौटने के उल्लास में…

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खत्याड़ी साग, गंगोली बाग

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree अल्मोड़ा में एक जगह है खत्याड़ी. अल्मोड़ा में…

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गढ़वाली चित्रकला की विशेषताएं

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree गढ़वाल के चित्र भी कांगड़ा के समान ही…

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उत्तराखंडी परंपरागत व्यंजनों पर पूर्व मुख्यमंत्री का दर्द

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह…

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