समाज

गोठ में पहाड़ी रजस्वला महिलाओं के पांच दिन

कुछ सालों पहले उत्तराखण्ड के गाँवों में कोई नई दुल्हन जब ससुराल में प्रवेश करती थी - उसकी पहली माहवारी,…

7 years ago

इगास बग्वाल : दीवाली के ग्यारह दिन बाद गढ़वाल में मनाई जाने वाली दीपावली

दीपावली के ठीक ग्यारह दिन बाद गढ़वाल में एक और दीपावली मनाई जाती है जिसे इगास बग्वाल कहा जाता है.…

7 years ago

कल उत्तराखंड में मनाया जायेगा लोकपर्व इगास

इगास: बारा-बग्वाली का समापन-पर्व इगास (एगास भी), उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है. दीपावली यहाँ…

7 years ago

प्लास्टिक की पट्टी के सहारे प्लास्टिक से जंग लड़ रही उत्तराखण्ड सरकार

लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ़ जागरुक करने के लिये माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने देहरादून में एक मानव श्रंखला…

7 years ago

1940 के आसपास हल्द्वानी में केवल एक रेडियो हुआ करता था

भैरव मंदिर से आगे कि ओर जहाँ गुरुद्वारा है, उसके पीछे की गली जो कसेरा लाइन से दूसरी ओर मिलती…

7 years ago

इस तरह दीमकों ने चट कर दी हल्द्वानी के पुस्तकालय की किताबें

नैनीताल में दुर्गालाल साह पुस्तकालय की अलग पहचान है. इस पुस्तकालय की स्थापना 1914 में अंग्रेजों ने की थी. उसी…

7 years ago

इंटरनेट डेटा की ख़ुराक पर पलता मनमोहक फ़ासीवाद

इतिहासकार युवाल नोआ हरारी चेताते हैं कि फ़ासीवादियों को पहचानना आज इतना भी आसान नहीं है. वे हमेशा अपनी राक्षसी…

7 years ago

हल्द्वानी की सबसे पुरानी संगीत संस्था

[पिछली क़िस्त: जमरानी बाँध का अजब किस्सा ] बची गौड़ धर्मशाला से लगी मटरगली नाम से धीरे-धीरे एक बाजार विकसित…

7 years ago

हमें अपनी पहाड़ी भाषा बोलने में शर्म क्यों आती है

कुछ दस बजे का समय रहा होगा, कुछ चल्लों की फोटो खींचते-खींचते मै एक प्राथमिक स्कूल के पास से गुजर…

7 years ago

जब कलकत्ता से दो हजार चाय के पौधों की पहली खेप कुमाऊं पहुंची

उत्तराखण्ड में चाय की खेती का इतिहास 150 वर्ष पुराना है. उत्तराखण्ड में भी चाय की खेती यूरोपियनों के आने…

7 years ago