दोपहर का समय होगा जब अचानक ही मेरा प्लान कपिलेश्वर महादेव के मंदिर जाने का बन गया और मैं निकल…
अब जब कविता के रूप, उसके प्रतिपाद्य, उसकी भाषा से ज़्यादा उसके होने, न होने पर ही चौतरफा हमले हैं,…
4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – बारहवीं क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: बच्चे कैसे जिएंगे हिंसक होते…
District Administration Pithoragarh फेसबुक पेज का स्क्रीन शॉट 28 जून के दिन का यह पोस्ट पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के फेसबुक…
चंदू की चाची को चांदनीखाल में चटनी चटाई जूनियर कक्षाओं में बाल मंडली ने अनुप्रास अलंकार का एक घरेलू उदाहरण…
अल्मोड़ा से करीब तीस किलोमीटर दूर स्थित बिनसर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी के घने जंगल बरसातों में इस कदर हरे हो…
मुंशी प्रेमचंद की क्लासिक कहानी 'ईदगाह' की शुरुआत, अगर मुझे ठीक से याद है, तो कुछ इस तरह से है-…
कमल जोशी उत्तराखंड के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफरों में से थे. अपने जीवन के अधिकाँश वर्ष उन्होंने कुमाऊँ-गढ़वाल के पहाड़ों को…
पहाड़ और मेरा जीवन – 39 (पिछली कड़ी: जब संपादकीय टिप्पणी के साथ ‘जनजागर’ के मुखपृष्ठ पर मेरी कविता प्रकाशित…
कोई राष्ट्रीय जलसा रहा हो या मेला. रामलीला रही हो या नाट्य मंडली, गुजरे दौर में यह गीत हर अवसर…