कॉलम

नानकसागर डैम पार करने में बाधाएँ और खतरे

पिछले अंक में हमने बात की थी नानकमत्ता में नानकसागर डैम के पार स्थित गॉंवों की बदहाल स्थिति की. बेशक…

6 years ago

पहाड़ के पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को झोलाछाप कहकर ख़ारिज नहीं किया जा सकता

मध्य हिमालय की जंगलों में मिलने वाली वनस्पति स्वस्थ बनाये रखने, निरोग रहने व दीर्घायु प्रदान करने के लिए गुणकारी मानी गईं. इन…

6 years ago

‘कुमाऊं केसरी’ बद्रीदत्त पाण्डे का जन्मदिन है आज

लगभग चालीस सालों से चले आ रहे अल्मोड़ा अखबार ने 1913 के बाद ही धार पकड़ी. अल्मोड़ा अख़बार ने जब…

6 years ago

हमारे टैम पर तो अणकस्सै होने वाला ठैरा ‘वैलेन्टाइन डे’

अरे! तुम तो एक हफ्ते में निबटा देने वाले ठैरे ‘वैलन्टाइन डे’ का जश्न,  हमारे टैम पर तो सालों भी…

6 years ago

घंटों निहार सकते हैं ॐ पर्वत के प्राकृतिक श्रृंगार को

साथियों की त्योरियां चढ़ने पर पंकज मुस्करा दिया. उसने सफाई दी, "अरे! कोर्स में यही सब सिखाया जाता है... क्या…

6 years ago

नत्थू सिंह खरोला उर्फ़ नत्थू कमाण्डिंग के मायने

हमारे गांव में मन्नाण - गांव में सार्वजनिक स्थल अर्थात पंचायती चौक के उत्तर, दक्षिण व पूरब दिशा में आबादी…

6 years ago

विश्व रेडियो दिवस पर कुमाऊं के पहले सामुदायिक रेडियो की कहानी

कुमाऊं का पहला सामुदायिक रेडियो ‘कुमाऊं वाणी’ आज वर्ल्ड रेडियो डे के मौके पर 9 साल 11 माह 2 दिन…

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भ्वींन : रात में गाये जाने वाले धार्मिक कुमाऊनी गीत

भ्वींन को भ्वैन या भ्वैंनी भी कहते हैं. झोड़ा और चांचरी की तरह गाया जाने वाला यह समूह गीत वृत्ताकार…

6 years ago

संगठित लेखक प्रकाशकों पर भारी पड़ते हैं

हालत पाठकों की भी कुछ कम ख़राब नहीं थी. शर्मा जी के बारे में पता चला कि पुस्तक मेले से…

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महाकाली नदी के उद्गम पर स्थित मां काली का भव्य मंदिर

गुंजी से निकलते-निकलते आठ बज गए. आगे लंबे मैदान में एक जगह एक शिलापट्ट स्थापित था. ऐसा लग रहा था…

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