कॉलम

बकरी खाने वाली एक भूतनी जिसकी जान एक तोते में बसती थी: पहाड़ी लोककथा

सालों पहले मध्य हिमालय के जंगल में एक आदमी अपनी 15 बकरियों के साथ जा रहा था. जंगल में बकरियों…

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एक कर्मयोगी के जीवन और जीविका की शानदार दांस्ता: काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि

ओशो कहते हैं कि ‘संतान कितनी ही बड़ी क्यों न हो जाए, अपने माता-पिता से बड़ी कभी नहीं हो सकती.’…

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बच्चू लाल भट्ट: आज़ादी के लिये कालापानी की सजा पाने वाला एक पहाड़ी

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनेक लोगों ने योगदान दिया. बड़े नेताओं के अलावा ऐसे हज़ारों नाम हैं जो आज भी…

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वीर भोग्या वसुंधरा

शर्मा जी दिल से भगवान को याद कर रहे थे. दिल से मतलब सीधे दिल से. और अचानक भगवान प्रगट…

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ये आकाशवाणी है, अब आप देवकी नंदन पांडे से समाचार सुनिए…

ये आकाशवाणी है, अब आप देवकी नंदन पांडे से समाचार सुनिए... रात के पौने नौ बजे भारत के घर-घर में…

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वृद्ध जागेश्वर जहां विष्णु रूप में पूजे जाते हैं भगवान शिव

अल्मोड़ा से छत्तीस किलोमीटर दूर पूर्व उत्तर दिशा में देवदार के घने पेड़ों की घाटी में एक सौ चौबीस छोटे…

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स्टीफन हॉकिंग को गए आज तीन साल हो गए हैं

उनकी खास तरह की व्हीलचेयर, बीमारी की वजह से विकृत हो गया, एक तरफ को मुड़ा हुआ चेहरा, मोटे चश्मे…

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ताकि समझ आ सकें सृष्टि के सारे रहस्य

वैदिक काल में बड़े-बड़े ऋषि-मुनि, लेखक, ज्ञानी और तपस्वी हुए, जिन्होंने एक से बढ़कर एक तरीके से साधना की और…

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बसंत के पुजारी पहाड़ी बच्चों का आस का पर्व: फुलदेई

फुलदेई, उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध और बच्चों का खूबसूरत त्योहार है. फुलदेई शब्द दो शब्दों से मिल कर बना है. फूल…

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कल है फूलदेई

पहाड़ के लोग अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिये जाने जाते हैं, जाने जाते हैं प्रकृति से अपने प्रेम के लिये.…

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