कला साहित्य

पहाड़ की कहानी : हरिया हरफनमौला

दुकान वाले मोहन दा के हाथ से चाय का गिलास थामते हुए पद्मा दत्त लोहनी ने अपनी कुर्सी  दूसरी  ओर…

6 years ago

एक मरा हुआ मनुष्य इस समय जीवित मनुष्य की तुलना में ज़्यादा कह रहा है: मंगलेश डबराल की याद में

मैं जब भी यथार्थ का पीछा करता हूं देखता हूं वह भी मेरा पीछा कर रहा है मुझसे तेज़ भाग…

6 years ago

नागाओं के गौरवशाली अतीत का उत्सव : हॉर्नबिल फ़ेस्टिवल

पहाड़ी से उतरती एक कच्ची सड़क ने हमें फ़ेस्टिवल के वेन्यू पर लाकर छोड़ दिया. किसामा नाम के इस विरासती…

6 years ago

हर गांव में एक न एक मोहन दा जरूर होता है

मैंने मोहनदा को होश सँभालने के साथ-साथ देखा था. जैसे गाँव के अन्य दूसरे लोगों को देखा जाता है, पहचाना…

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काली के बगड़ में ब्रूस ली की याद

केनिथ मेसॉन की किताब द अबोड ओफ़ स्नो में कुमायूँ के सबसे बड़े अन्वेषकों में से एक हरी राम के…

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सुमित्रानंदन पन्त की कुमाऊंनी में कविता: जन्मदिन विशेष

20 मई 1900 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के कौसानी नामक स्थान में जन्मे सुमित्रानंदन पन्त (Sumitra Nandan Pant) हिन्दी…

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जहाजी मजदूर से नृत्य की ऊंचाई को छूनेवाला उस्ताद – अस्ताद देबू

बीती 10 दिसम्बर 2020 को भारतीय संस्कृति में एक अहम मुकाम पैदा करने वाले नर्तक अस्तद देबू का देहांत हो…

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जयंती, शिक्षा विभाग और चाय-नमकीन

अपने मुल्क में बड़े लोगों की जयंती मनाए जाने का चलन आम है. बहुत बड़े लोगों की पुण्यतिथि भी मनाई…

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ट्वीट कराओ – कोरोना भगाओ

 उनकी टैस्ट रिपोर्ट अभी-अभी पॉजिटिव आयी है. ये एन्टीजन टैस्ट बताया जा रहा है. वो हमेशा ही एन्टी जन रहे…

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न जाने कितने पहाड़ी दंपत्तियों के जीवन की हकीकत है क्षितिज शर्मा की कहानी ‘लौटने के बाद’

वह सोचती है, एक महीने का समय इतना कम नहीं होता. पूरे तीस दिन होते हैं. बल्कि, तीस दिन और…

6 years ago