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कसारदेवी के पहाड़ से ब्लू सुपरमून

Once in a blue moon, आपने अक्सर अंग्रेज़ी की इस कहावत का ज़िक्र किया होगा या फिर सुना होगा, पर शायद कभी इस बात पर गौर न किया हो की सफ़ेद चाँद के लिए ब्लू मून क्यों कहा जाता है और ये कब दिखता है.
(Blue Moon Photos Almora Uttarakhand)

वन्स इन ए ब्लू मून इस कहावत को किसी काम या व्यक्ति या घटना के सन्दर्भ में कहा जाता है जो कभी कभार या फिर बहुत कम घटित होती है. ठीक वैसे ही ब्लू सुपर मून 2 या 3 साल में सिर्फ़ एक बार नज़र आता है, ब्लू मून इसलिए की एक ही महीने में एक साथ दो फुल मून.

इस सोमवार को ब्लू मून तो था ही साथ ही साथ वो सुपरमून भी था सुपरमून मतलब चंद्रमा और दिनों के मुक़ाबले पृथ्वी के ज़्यादा क़रीब आ जाता है इस वजह से वो आकार में अन्य फुल मून के मुक़ाबले बड़ा दिखता है.
(Blue Moon Photos Almora Uttarakhand)

इस सोमवार को ब्लू सुपरमून था जो अब शायद अगले 2-3 साल तक नज़र न आए सोमवार को दुनिया भर में फ़ोटोग्राफ़र्स ने इस बहुत कम होने वाली घटना वन्स इन ए ब्लू मून के फोटो लिए.

ये भी एक संयोग था की उस दिन वर्ल्डफोटोग्राफी डे भी था. अल्मोडा़ के कसारदेवी से ये ब्लू सुपरमून कुछ ऐसा नज़र आया. आप भी आनंद लीजिये इस ब्लूसुपरमून के फ़ोटोग्राफ़्स का कसारदेवी के पहाड़ से.
(Blue Moon Photos Almora Uttarakhand)

(फोटो एवं विवरण काफल ट्री के अनन्य साथी जयमित्र सिंह बिष्ट, हिमालयन जेफर, की फेसबुक से लिया गया है.)

फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट
फोटो – जयमित्र सिंह बिष्ट

जयमित्र सिंह बिष्ट

अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.

इसे भी पढ़ें: पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार अपने घर अल्मोड़ा में लक्ष्य सेन

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