मध्यकालीन गढ़वाल राजनीति का चाणक्य भाग – 1

8 years ago

मध्यकालीन गढ़वाल की राजनीति जिसे गढ़ नरेशों के युग से भी जाना जाता है, में कुछ असाधारण व्यक्तियों ने अपनी…

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 6

8 years ago

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 5) सुबह 4 बजे उठी और सबसे…

सहज लोकबुद्धि और शारीरिक पराक्रम की कथा है चंदायन

8 years ago

लुरखुर लोरिक -चन्द्र भूषण चंडीगढ़ के आर्ट म्यूजियम में लौर-चंदा सीरीज की 14 फोलियो पेंटिंगें मौजूद हैं. 16वीं सदी में…

धौली और नन्दा की कथा

8 years ago

कार्तिग के महीने गांव के ऊपर नीचे की सारियां फसल काटने के बाद खाली हो जाती. आसमान बरसात के बाद…

कोयल उस ऋतु को बचा रही है

8 years ago

चेन्नई में कोयल -आलोक धन्वा चेन्नई में कोयल बोल रही है जबकि मई का महीना आया हुआ है समुद्र के…

परीक्षा माने – ‘पर इच्छा’

8 years ago

दो दोस्त थे. दोनों में काफी घनिष्ठता थी. दाँत काटी दोस्ती समझ लीजिए. ये बात, इस नजरिए से बखूबी साबित…

राज्यसभा टीवी की प्यार भरी ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरे

8 years ago

जिस दौर में टी.वी.चैनलों का मतलब ही शोर और हुल्लड़बाज़ी हो गया हो, ‘गुफ़्तगू’ के 300 एपीसोड पूरा होना एक…

ट्रेल पास अभियान भाग – 2

8 years ago

पिछली कड़ी पहली जून 1994 को जब अस्कोट-आराकोट अभियान दल मुनस्यारी पहुंचा, दल के अधिकांश सदस्य मेरे पूर्व परिचित मित्र…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : छठी क़िस्त

8 years ago

फूलन और मनोहरश्याम की जुबान के बगैर कोई लेखक बन ही कैसे सकता है जैसे पराई धरती पर पौधा नहीं…

रामलीला पर्वतीय जनजीवन की ‘लाइफ-लाइन’

8 years ago

रामलीला भारतीय जनमानस की एक ऐसी तस्वीर है, जिसमें कोई भी भारतीय अछूता नहीं है. राम ऐसे जननायक थे कि…