पहाड़, पर्यावरण और प्लास्टिक का कचरा

7 years ago

अस्सी के दशक के शुरुआती वर्षों के दौरान मेरे गाँव के लोग स्थायी गाँव से दूर खेड़े (मंजरों) में जमीन…

कहो देबी, कथा कहो – 15

7 years ago

किलै, मैं देबी उस दिन कमरे में अकेला था. कमरे का दरवाजा भी बंद था. गहरे सोच में डूबा था…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 37

7 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

झलतोला हिमालय का करीबी दोस्त है

7 years ago

पिथौरागढ़ के बेड़ीनाग कस्बे से एक गुमनाम गाँव झलतोला के लिए कच्ची-पक्की सड़क जाती है. इस सफ़र पर आगे बढ़ते…

यह क्रांतिकारी दिन था

7 years ago

साधो हम बासी उस देस के – 3 -ब्रजभूषण पाण्डेय टुच्ची और हमारी सारी उम्मीदें तो बस ग्रू के करम…

आज भी बरकरार है बौराणी मेले की रंगत

7 years ago

उत्तराखण्ड को अगर पर्वों, उत्सवों और मेलों की भी धरती कहा जाये तो ग़लत नहीं होगा. पूरे प्रदेश में साल…

हां मैंने चलाए साइकल के लचक मारते, पुराने टायर और भरपूर मजा लूटा

7 years ago

पहाड़ और मेरा बचपन – 9 (पिछली क़िस्त : कंचों के खेल ने साबित किया कि मैं कृष्ण जैसा अवतार…

एनआईटी पर जनता के साथ छल करती सरकार

7 years ago

क्या मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत श्रीनगर ( गढ़वाल ) स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( एनआईटी ) के स्थाई परिसर के…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 36

7 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

फोटो निबंध – हिमालय और उस पर चार चाँद लगाता पैयाँ के पेड़ का आकर्षण!

7 years ago

यूं तो हिमालय का ही सौंदर्य कम नहीं था उस पर पैयाँ के पेड़ का आकर्षण जाड़ों के मौसम में…