हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 62

7 years ago

लोहवन के ही रहने वाले दाऊदयाल गुप्ता उनके बेटे विष्णु और सतीश चाट का ठेला लगाते थे. दाऊदयाल पेठा बेचते…

डरने वाले भाई साहब

7 years ago

भाई साहब डरने वाले व्यक्ति हैं. उनके डर कई प्रकार के हैं. वे सुबह उठते समय आने वाले दिन की…

सफ़रनामा: अतीत के रास्ते

7 years ago

उस साल फ़रवरी के महीने में चकराता से लोखण्डी तक गाड़ी में, और वहाँ से गाँव तक पैदल सफ़र काफ़ी…

दिनेश लाल – उत्तराखण्ड के लोकजीवन को तराशता कलाकार

7 years ago

शौक के लिए आपका जूनून आपकी कई तरह की समस्याओं का समाधान ला सकता है, कुछ ऐसी ही कहानी है…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 60

7 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

दारमा घाटी की कुछ तस्वीरें

7 years ago

उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले की सीमान्त तहसील धारचूला में धौलीगंगा नदी के किनारे अवस्थित दारमा घाटी अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के…

क्‍यों नहीं किसी के साथ भाग जाती वो

7 years ago

मुझे सचमुच इस चीज़ से फ़र्क नहीं पड़ता कि उसे कैसा लगता है मेरे बिना ... खा़स तौर पर मैं…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 61

7 years ago

1860 के करीब पटवा बिरादी ने रामपुर से आकर हल्द्वानी में कारोबार शुरू किया था. तब पैंठ पड़ाव में सड़के…

बंदूक की गोली मानी बंदूक की गोली हो – जोहार के मानी कम्पासी का लोकगीत

7 years ago

तिब्बत का पहला ऐतिहासिक सर्वेक्षण करने वाले विख्यात अन्वेषक पंडित नैनसिंह रावत (देखें: पंडित नैनसिंह रावत : घुमन्तू चरवाहे से…

बारहनाजा : पूरे जीव जगत को साथ लेकर चलने वाली उत्तराखंड की कृषि प्रणाली

7 years ago

उत्तराखंड में कृषि भूमि का केवल 12% सिंचित है. यहाँ की 50% से अधिक आबादी को रोजगार कृषि से ही…