क्या उत्तराखंड, पारिस्थितिक वहन क्षमता को लागू कर सकता है?

3 months ago

हाल ही में मेरी उत्तराखंड यात्रा, हरिद्वार, मसूरी, देहरादून और टिहरी, ने मुझे यह गहरा एहसास कराया कि यह भू-दृश्य अपनी पारिस्थितिक वहन…

रिंगाल आधारित शिल्प : उत्तराखण्ड का एक परम्परागत कुटीर उद्योग

3 months ago

उत्तराखण्ड की पर्वतीय संस्कृति में प्रकृति और मनुष्य के बीच गहरा और आत्मीय संबंध दिखाई देता है. यहां का लोकजीवन…

कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा

3 months ago

रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के पनघट पर पहुँचीं, तो अचानक सुबनी…

चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार

3 months ago

चीड़ के जंगल उत्तराखण्ड के कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में 900 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर बहुतायत में पाये जाते हैं. चीड़ के तने…

मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब

3 months ago

2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब 'मेरी यादों का पहाड़' छापकर सराहनीय कार्य किया है. 140 रुपये…

पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे

4 months ago

नौ साल बाद पिथौरागढ़ जा रहा था. पिछले कुछ वर्षों में जब भी छुट्टी मिली, बेटी के पास अमेरिका चला गया.…

‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है

4 months ago

देवी मां उदास है परन्तु परलोक गया पुत्र आज भी यादों में आकर उसको हिम्मत दिला रहा है. मनिला डांडे…

सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन

4 months ago

पिछली कड़ी : उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का…

मानव और प्रकृति का संबंध प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है

4 months ago

मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत प्राचीन, गहरा और अविभाज्य है. प्रकृति तथा वायुमंडल से मिलकर बने पर्यावरण के विभिन्न तत्व—जैसे…

न रुकदि छै, न थकदि छै, नयार जन बगदि छै : संकट में है नयार

4 months ago

दूधातोली की मुरलीकोठा चोटी (3000 मीटर) के चारों ओर के परिदृश्य को समझाते हुए कुलदीप ने पूरे रोमांच के साथ…