उत्तराखंड के राम बहादुर क्षेत्री : विश्व फुटबॉल की द ग्रेट वाल ऑफ़ चाईना

7 years ago

1956 के मेलबर्न ओलम्पिक में भारत चौथे स्थान पर रहा था. सभी को उम्मीद थी कि 1960 के रोम ओलम्पिक…

तू फेक मैं लोक(तंत्र)

7 years ago

गणतन्त्र के मौके पर राष्ट्र का नागरिकों के राष्ट्र का नागरिकों के नाम पत्र मिला था .आज उसका प्रीक्वेल भी…

पंद्रहवीं शताब्दी की उत्तराखण्डी प्रेम कहानी

7 years ago

उत्तराखण्ड की भी अपनी कुछ ऐतिहासिक प्रेम कथाएँ हैं. राजुला-मालुसाई इनमें सर्वाधिक लोकप्रिय प्रेमकथा है. लेकिन कुछ अन्य प्रेम कथाएँ…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 109

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

इन्हीं तस्वीरों जैसा धुंधला है पंचेश्वर जलागम का भविष्य

7 years ago

महाकाली और सरयू के संगम पर बसा पंचेश्वर पिछले लम्बे समय से खबरों में है. एक विशाल समाज और हजारों…

हींग लगे न फिटकरी, मालिक की जै-जै : मेले कैसे-कैसे

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 34 पिछले कड़ी- कहो देबी, कथा कहो – 33 वह नई शाखाओं के खुलने और…

पहाड़ की क्लासिक प्रेमकथा : कोसी का घटवार

7 years ago

शेखर जोशी का जन्म 10 सितंबर 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में जन्म हुआ. अनेक सम्मानों…

तुम इतना जो मुस्करा रहे हो – जगजीत सिंह पुण्यतिथि विशेष

7 years ago

ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी…

वरेण्यम क्रिएशन्स: उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक जगत की नयी उम्मीद

7 years ago

एक छोटे से राज्य के मामूली से गाँवों-कस्बों के कुछ युवा एक छोटे से शहर में पढ़ाई करने के दौरान…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 108

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…