कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 109

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

इन्हीं तस्वीरों जैसा धुंधला है पंचेश्वर जलागम का भविष्य

7 years ago

महाकाली और सरयू के संगम पर बसा पंचेश्वर पिछले लम्बे समय से खबरों में है. एक विशाल समाज और हजारों…

हींग लगे न फिटकरी, मालिक की जै-जै : मेले कैसे-कैसे

7 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 34 पिछले कड़ी- कहो देबी, कथा कहो – 33 वह नई शाखाओं के खुलने और…

पहाड़ की क्लासिक प्रेमकथा : कोसी का घटवार

7 years ago

शेखर जोशी का जन्म 10 सितंबर 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में जन्म हुआ. अनेक सम्मानों…

तुम इतना जो मुस्करा रहे हो – जगजीत सिंह पुण्यतिथि विशेष

7 years ago

ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी…

वरेण्यम क्रिएशन्स: उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक जगत की नयी उम्मीद

7 years ago

एक छोटे से राज्य के मामूली से गाँवों-कस्बों के कुछ युवा एक छोटे से शहर में पढ़ाई करने के दौरान…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 108

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

कुमाऊँ की सत्ता का ऐतिहासिक केंद्र रहा है पाली-पछाऊं

7 years ago

पाली-पछाऊं द्वाराहाट से 12 मील की दूरी पर है. इसे चन्द राजाओं की राजधानी के रूप में जाना जाता है.…

यह लेख अटैची के बारे में नहीं है

7 years ago

आज प्रातः समाचार मिला कि एक मित्र की नियुक्ति उप निदेशक के पद पर हो गई है. मित्र की नियुक्ति…

उत्तराखंड ग्रामीण संस्कृति का हिस्सा ‘दाल-भात’

7 years ago

दाल-भात का उत्तराखंड ग्रामीण संस्कृति में पहला स्थान है. नामकरण, जनेव, शादी, बरसी सभी में दाल-भात मुख्य भोजन होता था.…