आख़िरी साँसें गिन रहा है पहाड़ का काष्ठशिल्प

7 years ago

बढ़ती आधुनिकता के साथ लकड़ी से बने परम्परागत उत्पाद हमारे जीवन से दूर होते-होते अब लगभग लगभग समाप्त हो चुके…

लाल बुरांश: एक उत्तराखंडी लोककथा

7 years ago

ज़माने पुरानी बात है. एक गाँव में किसान परिवार रहा करता था. इनकी एक ही बेटी थी. बड़ी होने पर…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 115

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

अंग्रेजों के ज़माने का पटवारी हुआ गुमानसिंह

7 years ago

जीवन भर हल्द्वानी (Haldwani) में रहे स्व. आनन्द बल्लभ उप्रेती (Anand Ballabh Upreti) राज्य के वरिष्ठतम पत्रकार-लेखकों में थे. हल्द्वानी…

स्कूल में शनिवार को अंग्रेज़ी और घर पर हर रोज संस्कृत बोलेंगे उत्तराखंडी बच्चे

7 years ago

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने फरवरी 13 तारीख को विधानसभा में अपना अभिभाषण दे दिया है. अपनी सरकार…

तुम से न हो पाएगा देश के प्यारो!

7 years ago

कल पुलवामा (Pulwama) में हुए कायराना हमले के परिदृश्य में हमारे साथी अमित श्रीवास्तव ने यह झकझोर देने वाली टिप्पणी…

आज के दिन जन्मा था वह विद्रोही कवि

7 years ago

जिन भारतीय कवियों ने बड़े पैमाने पर बीसवीं शताब्दी के परिदृश्य को प्रभावित किया, नामदेव लक्ष्मण ढसाल उनमें प्रमुख हैं.…

सोलह सालों में बारह गुना हो गई उत्तराखंड में शराब से सरकार की आमदनी

7 years ago

पव्वे पर भारी छूट का मौसम फरवरी का महीना आधा बीत चुका है और भारत भर में शराब की दुकानों…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 114

7 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

कुछ काम हम करते हैं कुछ करते हैं पहाड़

7 years ago

पहली जुलाई 1944 को उत्तराखंड के टिहरी जिले के धंगण गाँव में जन्मे लीलाधर जगूड़ी वर्तमान समकालीन में हिन्दी के…