लगातार खनन और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड की नदियों से मछलियां गायब हो रही हैं

7 years ago

सुनहरी माहसीर या हिमालयी माहसीर, असेला ट्राउट, कुमाऊँ ट्राउट, पत्थर चट्टा, कलौंछ, लटिया, छगुनी, भारतीय ट्राउट,  हैमिल्टन बेरिल, बरना बेरिल,…

बल्दिया एकादशी: बैलों की छुट्टी और मौज-मस्ती का दिन

7 years ago

उत्तराखंड का बहुजन समाज मुख्यतः कृषक और पशुपालक रहा है. इनके लिए जमीन और पशुधन सबसे ज्यादा प्रिय और कीमती…

ताड़ीखेत की आबोहवा के मुरीद थे महात्मा गाँधी

7 years ago

ताड़ीखेत के नयनाभिराम प्राकृतिक सौन्दर्य और शीतल, स्वास्थ्यवर्धक वातावरण से महात्मा गाँधी बहुत मोहित हुए. ताड़ीखेत की तारीफ में 11…

गौला नदी: नैनीताल जिले की जीवनरेखा

7 years ago

उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल की हल्द्वानी तहसील की सबसे बड़ी नदी है गौला. नैनीताल जिले के खासे भूभाग की सिंचाई…

छिपलाकेदार: फूलों की घाटी और ब्रह्म कमल के मैदान

7 years ago

नेपाल व तिब्बत से सटे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ की मुनस्यारी व धारचूला तहसील के बीच स्थित है छिपलाकेदार. हिमाच्छादित चोटियों…

पहाड़ी खून में है पहाड़ी नूण

7 years ago

अपना मित्र और पूर्व में सहकर्मी रहा शमशेर नेगी एक बड़ी मजेदार बात कहा करता है- "जिसने नहीं खाया पहाड़ी…

भगवान शिव और माता पार्वती के निवास कैलाश-मानसरोवर के कुछ अप्रतिम दृश्य

7 years ago

इन दिनों भारत सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली बहु-प्रतीक्षित कैलाश- मानसरोवर यात्रा चल रही है. दिल्ली से शुरू होने…

हल चलाना, नौले से फौले में पानी भरकर लाना और घोघे की रोटी मक्खन, नून के साथ खाना

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन – 42 पिछली कड़ी:  एक कमरा, दो भाई और उनके बीच कभी-कभार होती हाथापाई हम सबकी…

एक गाँव से बैसी-जागर का आँखों देखा हाल

7 years ago

आजकल कई गांवों में बैसी-जागर टाईप का कुछ पूजा-नृत्य गांव की धूनियों में हो रहा है. बाहर बसे परदेसी भी…

गढ़वाल के राजा मान शाह और सुरजू डंगवाल की लोककथा

7 years ago

एक समय की बात है, बहादुर शाह नाम का व्यक्ति गढ़वाल में राज करता था. उसके राज्य की राजधानी श्रीनगर…