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पैमाने की तरह शराब पिया करो पहाड़ियो! – उत्तराखंड महिला आयोग अध्यक्ष की नसीहत

उत्तराखंड के गांवों में अगर आप गये होंगे तो आपको इस बात की जानकारी होगी की शराब ने किस कदर यहां के अनेक परिवार बर्बाद कर दिये हैं. उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा हमेशा से शराब का विरोध किया गया है. आज सुबह से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उत्तराखंड के महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया बड़थ्वाल देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री का समर्थन करती दिख रही हैं. पढ़िये प्रेस कान्फ्रेंस में क्या कहा उत्तराखंड की महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बड़ाथ्वाल ने :

देखिये अगर शराब अगर पीनी हो तो कहीं से भी आती है तो तब भी पीते हैं इसका कोई … यही तो समाज में जागरूकता होनी चाहिये कि हां शराब की दुकानें भी होंगी सब कुछ होगा लेकिन फिर भी हम उसको एक पैमाने की तरह पियेंगे ऐसे नहीं कि सब दिन-रात पी रहे हैं और उससे हिंसा कर रहे हैं या उससे बदतमीजी कर रहे हैं.

इससे कतई भी इसका मतलब नहीं है. क्योंकि इसी अगर हम इस चीज को क्योंकि कोई चीज हम अगर हम ये कहें कि हिंसा न हो और हम जो ये हमारे वैपन्स होते हैं उनको बनाना ही छोड़ दें तो क्या ये वो है जिस चीज पर प्रयोग होते हैं उसको करना चाहिये उसका हिंसा से कोई मतलब नहीं होता है और हमको समाज को यह राह दिखानी होगी कि कैसे हम सब कुछ वो उस वातावरण को बनायें कि महिला सुरक्षित रहे. ये समाज की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. शराब का हम विरोध करते हैं. ऐसा नहीं है कि शराब पीनी चाहिये या वो उसको वो होना चाहिये उसको मान लिया अगर हम कोई कारोबार कर रहा है उसको हो सकता है बाहर बेचे या वो कर रहा है उससे कोई दिक्कत की बात नहीं है कि ऐसा होना चाहिए वो कारण नहीं है. मैंने ये कहा है कि ये कोई कारण नहीं है कि हम कहें कि भई ये वो उसको लेके चलें हम और मैं कहना चाहूंगी कि जितने भी हमारे पत्रकार बन्धु हैं इस तरह के जो मामले हैं समाज में उसको एक सकारात्मक रूप में लेकर उस पर लिखें बहुत बड़ी जिम्मदारी है आप लोगों की. समाज में महिलाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी है आप लोगों की.

तो आप पक्षधर हैं देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री की?

देखिये देवप्रयाग-वेवप्रयाग की मैं नहीं जानती कि देवप्रयाग में है कि उसके चालीस किमी है मैं तो ये कहना चाह रही हूँ कि जो उसमें आया था कि भई वो है और इससे क्या देवभूमि में क्या आप बताओ आज शराब की फैक्ट्री नहीं थी क्या यहां पर शराब नहीं पी जा रही है. आप बताइये जरा शराब पी जा रही है कि नहीं पी जा रही है शराब. पी जा रही है न. अगर यहां बंद कर दें ड्राई कर दें बिलकुल कोई बेचेगा नहीं तब भी उत्तर प्रदेश से आयेगी आपका हिमांचल से आयेगी हरियाणा से आयेगी और दुगना जो है शराब का व्यवसाय यहां होगा. चोरी छुपे होगा. ये नहीं कि सामाजिक बुराइयों को दूर करना होगा हमको. कौन चीज किस समय कैसे इस्तेमाल की जाती है उसको सीखना होगा तब जाके महिलाओं की सुरक्षा हो सकती है.

-काफल ट्री डेस्क

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Girish Lohani

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