कभी-कभी बताती है बच्चा पैदा करना कोई हँसी-खेल नहीं

7 years ago

हर कवि की एक मूल संवेदना होती है जिसके इर्द-गिर्द उसके तमाम अनुभव सक्रिय रहते हैं. इस तरह देखें तो…

बिटिया कैसे साध लेती है इन आँसुओं को तू

7 years ago

कहने को तो वीरेन डंगवाल हिंदी के एम.ए.पीएच.डी और लोकप्रिय, बढ़िया प्राध्यापक थे, एक बड़े दैनिक के सम्पादक भी रहे,…

उत्तर भारत का दिल हिंदी में धड़कता है – वीरेन डंगवाल

7 years ago

वीरेन डंगवाल (5 अगस्त 1947 – 27 सितम्बर 2014) समकालीन हिन्दी कविता के सबसे लोकप्रिय कवियों में गिने जाते हैं. साहित्य अकादेमी…

बद्रीदत्त कसनियाल- जिनके सान्निध्य में कब पत्रकार बना, पता ही न चला

7 years ago

पहाड़ और मेरा जीवन -44 पिछली क़िस्त : पहाड़ों में पैदल चलने के बिना जिंदगी का जायका ही क्या जो…

शिव की अति प्यारी विजया

7 years ago

विजया अर्थात संस्कृत में भंगा, मदकारिणी, मादनी, बंगाली में सिद्धि भांग, फ़ारसी में कनब, बंग,अरबी में किन्नाब व मराठी, गुजराती…

शिक्षकों की मांग को लेकर पिथौरागढ़ के सैणराथी में 86 वर्ष के वृद्ध के साथ 9 लोग आमरण अनशन पर

7 years ago

प्रदेश के विद्यालयों में नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, पर पढ़ाने को शिक्षक नहीं हैं. कुछ दिन पूर्व…

पंथी हूँ मैं उस पथ का अंत नहीं जिसका: किशोर कुमार जन्मदिन विशेष

7 years ago

उनके बड़े भाई बताते थे कि आभास को बचपन में बड़ी बुरी चोट लग गयी थी पैर में.घाव से बेइंतहा…

ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े

7 years ago

ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े… ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े तुझपे सवार है जो, मेरा सुहाग…

मित्ज्यु: कुमाऊं में दोस्ती की अनूठी परम्परा

7 years ago

पिछले दशक तक उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मित्ज्यु शब्द काफ़ी सुनने को मिलता था. मित्ज्यु का अर्थ होता है…

ख़ाकी मर्ज, फ़र्ज़ और कर्ज़ की खिचड़ी है

7 years ago

युधिष्ठिर सरोवर में लोटा डुबाने ही वाले थे कि बगुला रूपी यक्ष प्रकट हुए और अपनी चिर-परिचित प्रश्नोत्तरी प्रस्तुत की. …