लोककथा : तपस्या का फल

5 years ago

विरेन आज घर से बाजार के लिये यह कहकर निकला था कि वह पूरा सामान खरीद कर लायेगा. एक दुकान…

पुरुषों के वर्चस्व वाले परम्परागत पेशे को अपनाने वाली सोमेश्वर की ‘गीता’ की कहानी

5 years ago

हम अक्सर बात करते हैं कि महिलायें आज पुरुषों से कम नहीं हैं. आज महिलाओं ने हर जगह अपनी पैठ…

पहाड़ों में श्राद्ध के भोजन का अनोखा ही स्वाद होता था

5 years ago

पहले श्राद्ध का गांव में विशेष इन्तजार रहता था . सोलह सरादों में सभी घरों में सराद होता है और…

लोककथा : जिद्दी औरत

5 years ago

एक गांव में एक औरत रहती थी. वह एक विरोधी स्वभाव व बहुत ईर्ष्यालु प्रवृत्ति की थी. कोई उसे कुछ…

ककड़ी चोरी करने वाले को किसी भी प्रकार की गालियां नहीं लगती

5 years ago

चोरी करना बुरी बात है पर यह बात ककड़ी चोरी पर भी लागू हो, कहा नहीं जा सकता. इसलिये तो…

लोककथा : मकड़ी के जाल पर मछलियां

5 years ago

एक गांव में एक परिवार रहता था जिसमें परिवार के नाम पर दो ही सदस्य थे, पति और पत्नी. पति…

सनेती का नंदा माई कौतिक जहाँ चाँचरी के आगे रात सुबह में तब्दील हो जाती है

5 years ago

काली नदी में सबसे ज्यादा जलीय योगदान करने वाली सरमूल से निकलने वाली सरयू और डेबरा श्रेणी भटकोट से निकलने…

कहानी : हार की जीत

5 years ago

-सुदर्शन माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनंद आता है, वही आनंद बाबा भारती…

अर्जन्या: पहाड़ के लोक से जुड़ी कहानी

5 years ago

यकायक मुझे सब कुछ रहस्यमय लगने लगा. घर-आंगन. पेड़-पौधे. लोग. यहां तक कि अपने इजा (मां) और बौज्यू (पिता) भी.…

अंततः हल्द्वानी का हिमालय

5 years ago

एक: मेरे गाँव से हिमालय हिमालय के बारे में मैंने बड़े नाटकीय अंदाज़ में जाना. हिमालय के बीच ही पैदा…