कुमाऊं में प्रचलित महाभारत कथाओं पर शोध अलग-अलग समय और हिस्सों में हुआ है. अब तक डॉ. रामसिंह, पद्मादत्त पन्त…
लोक जीवन में मेलों का एक अलग स्थान है. मेले, कष्टसाध्य जीवन जीते पर्वतीय लोगों को अपने प्रियजनों, नाते-रिश्तेदारों और…
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की शादियां और वहां के रीति-रिवाज अपने आप में बहुत अनोखे हैं. समय के साथ शादियों…
Digitalization of Folk Stories of Uttarakhand बुजुर्गों की थपकियों के रास्ते लोककथा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी का सफ़र…
इन दिनों बागेश्वर जिला अस्पताल भीतर ही भीतर सुलग रहा है. सिस्टम किसी के भी संभालते सँभल नहीं पा रहा…
1991 से देश में आर्थिक क्रांति हुई जो निःसंदेह 1947 में नेहरू द्वारा की गई राजनीतिक क्रांति से कहीं अधिक…
पत्रकार -उपन्यासकार नवीन जोशी के उपन्यास पढ़ना, पहाड़ की नब्ज पकड़ कर शिद्दत से उसके हाल-हालात जानना और महसूस करना…
6 सितंबर 2007, एक तारीख जो कैलेंडर में सिर्फ एक दिन थी, पर हमारे जीवन में वह एक अध्याय बन…
हर साल की तरह, इस बार भी 15 जून 2025 को उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करोली…
गढ़वाल की एक विस्तृत लोक धार्मिक परंपरा का नाम है पांडव नृत्य. पांडव नृत्य ही ‘पांडव लीला’ भी कहा जाता…