फोटो: जयमित्र सिंह बिष्ट
यह एक ऐसी प्रेम कहानी है जो आपने पहले शायद ही कहीं पढ़ी या सुनी हो. यह कहानी पिछले तकरीबन 100 सालों से अल्मोड़ा की माल रोड में चल रही है और हमें उम्मीद है की आने वाले कई सालों तक ऐसे ही जारी रहेगी.
यह प्रेम कहानी इंसानों की न होकर दो पेड़ों के बीच की कहानी है.
हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा शहर के मुख्य आकर्षण बोगनविलिया और देवदार के पेड़ों की जो नगर की माल रोड में बड़े पोस्ट आफिस के पास स्थित हैं और अपने आकर्षण से किसी को भी आकर्षित कर लेते हैं. अगर आप के नजर इन पर पड़ गई तो आप के कदम खुद ब खुद रुक जाते हैं और आप इनकी खूबसूरती के मुरीद हो जाते हैं.
इनके एक साथ होने का नज़ारा इतना शानदार होता है की आप घंटों इन्हें निहार सकते हैं. दरअसल बात कुछ यूं है कि अल्मोड़ा की माल रोड में पंत पार्क में लगे ये दो पेड़ जिनमें एक पेड़ तो बोगनविलिया का है और दूसरा देवदार का. ये दोनों पेड़ एक दूसरे काफी नज़दीक लगाए गए हैं और बोगनविलिया के पेड़ ने देवदार को एक तरह से अपने आगोश में ले लिया है और जब जब इसमें फूल आते हैं पूरा का पूरा देवदार का पेड़ बोगनविलिया के बैगनी फूलों से खिल उठता है और एक ऐसा दृश्य प्रस्तुत करता है जो माल रोड से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर अपनी अमिट छाप छोड़ देता है.
आज जब सिंगापुर में सुपर ट्री का चलन जोरों पर है जो अपनी ऊंचाई से लोगों और वन्य जीवों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं और पर्यावरण संतुलन के साथ ही पर्यटन के लिए भी योगदान करते हैं अल्मोड़ा का ये सुपर ट्री एक मिसाल है जिसका उपयोग अभी तक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नहीं हो पाया है. अल्मोड़ा के इस सुपर ट्री के आसपास एक बढ़िया सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जा सकता है जहां पर लोग इस पेड़ के साथ अपनी फोटो खींच सकें और कुछ देर इत्मीनान से इन पेड़ों की छाया में सुकून पा सकें.
आलेख और सभी फोटोग्राफ जयमित्र सिंह बिष्ट के हैं.
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जयमित्र सिंह बिष्ट
अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.
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बेहतरीन!!!! मुझे लगता है आने वाले समय मे आपके सारे प्रयास खास तौर से कुमाऊं के लिये बहुआयामी सफलता और प्रसिद्धि लेकर आएंगे।मेरी जिंदगी के 25 बहुमूल्य वर्ष इन जगहों पर गुजरे हैं इसलिए में दिल और दिमाफ दोनों से आपके इन प्रयासों केलिए शुभकामनाएं।
अफसोस कि 2020 की बरसात इन दोनो पेडों पर भी करोना बनकर टूट पडी और इनके आलिंगन को निगल गयी ...