Featured

अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट से लगी महावतार गुफा में ध्यान लगाने आये थे अभिनेता रजनीकांत

ये पहाड़ मुझे नई ऊर्जा देते हैं :  रजनीकांत

सुपरस्‍टार रजनीकांत को सिनेमाजगत के सबसे बड़े सम्‍मान दादा साहेब फाल्‍के अवॉर्ड से सम्‍मानित किया जाएगा. इस खबर से अल्मोड़ा जिले के लोगों में भी खुशी है. फ़िल्म अभिनेता का यहां से बेहद लगाव है. साल 2018 दिसम्बर माह में रजनीकांत द्वाराहाट जिले के कुकुछीना में मौजूद बाबा महावतार की गुफा में ध्यान लगाने पहुचे थे. उस दौरान उन्होंने कहा था कि ये पहाड़ मुझे नई ऊर्जा देते हैं. इनको देखकर मुझे मजबूती मिलती है. यहां पर ध्यान लगाने से मन को बेहद शांति मिलती है. (Actor Rajinikanth is very fond of Uttarakhand)

बात 1 दिसम्बर 2018 की है. रजनीकांत सुबह द्वाराहाट से कुकुछीना को रवाना हुए. करीब 2 किमी की चढ़ाई उन्होंने 1 घंटे से भी कम समय मे पूरी कर ली. इसके बाद उन्होंने ध्यान लगाया.  करीब 12 बजे वह गुफा से वापस लौटे. इस दौरान वह बेहद सादगी के साथ आये. स्थानीय लोगों से उन्होंने बात की. गांव की महिला से भी उन्होंने बात की.

तब उन्होंने कहा था कि इन पहाड़ों से उनको बेहद प्यार है. वह यहां पर आकर बेहद खुश रहते है. बाबा महावतार का उन पर आशीर्वाद है. उनके आशीर्वाद से ही वह उन्नति कर रहे हैं. स्थानीय ग्रामीण संजय मठपाल ने बताया कि रजनीकांत 2 से अधिक बार यहां पर ध्यान लगाने आये. उन्होंने बताया कि वह अपनी फिल्म की सफलता हो या राजनीति में सफलता के लिए भी वह महावतार बाबा की गुफा में आते हैं. उन्होंने बताया की जब वह यहां आये एक आम इंसान की तरह लोगों से मिले. उन्होंने बताया कि उनको दादा साहब फाल्के संम्मान मिलने से क्षेत्र के लोग बेहद खुश हैं. 

दक्षिण भारत के प्रसिद्ध सुपरस्टार रजनीकांत भी महावतार बाबा के भक्त हैं. उन पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनी है. रजनीकांत द्वारा लिखित 2002 की तमिल फिल्म ‘बाबा’ बाबाजी पर ही आधारित थी. यहां पर बीजेपी नेता उमा भारती समेत कई लोग ध्यान लगाने आते हैं. (Actor Rajinikanth Uttarakhand)
कोरोना से लड़ती उत्तराखण्ड की महिलाएं कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा सम्मानित

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

इनपुट: दैनिक हिन्दुस्तान से

कई प्रमुख दैनिक अख़बारों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद डालाकोटी वर्तमान में अंग्रेजी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए काम कर रहे हैं.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

2 days ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

2 days ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

2 weeks ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

2 weeks ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

2 weeks ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

1 month ago