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युवराज सिंह का क्रिकेट से संन्यास

25 साल 22 यार्ड की क्रिकेट पिच के आसपास गुजारने के बाद आज युवराज सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. युवराज सिंह ने आज 19 साल के अपने अन्तराष्ट्रीय करियर के बाद संन्यास ले लिया.

2011 विश्व कप में नायक रहे युवराज ने आज साउथ मुम्बई में पत्रकारों को बुलाकर अपने संन्यास की घोषणा की. टीम इण्डिया के इस चैम्पियन खिलाड़ी ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की है.

युवराज ने का भारतीय टीम ने सलेक्शन 2017 से नहीं हो पाया था. युवराज ने आखिरी बार भारत के लिये 2017 में इंग्लैण्ड के खिलाफ टी-20 इंटरनैशनल मैच में खेले थे. उन्होंने अपने करियर का आखिरी वनडे मैच 30 जनवरी 2017 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में खेला था.

अपने क्रिकेट करियर को याद करते हुए युवराज ने कहा :

अपने 25 साल के करियर और खास तौर पर 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है।

2011 के विश्व कप में उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज का ख़िताब मिला. 2011 वर्ल्ड कप में उन्होंने 362 रन और 15 विकेट अपने नाम किए थे. 2007 का वर्ल्ड कप में युवराज की वह पारी कौन भूल सकता है जब उन्होंने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर की छः गेंदों में छः छक्के मारे थे और 12 गेंदों में अपना अर्द्धशतक पूरा किया था.

2011 के विश्व कप के बाद जब युवराज के फेफड़े में कैंसर ट्यूमर की ख़बर आयी तो भारतीय क्रिकेट प्रेमी सन्न रह गये. युवराज ने कैंसर का भी उसी दिलेरी से सामना किया जैसे वह मैदान पर गेंदबाजों का करते थे.

-काफल ट्री डेस्क

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Girish Lohani

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