फोटो : विनय कुमार
आज भले हम इस जद्दोजहद में फंसे हैं कि कुमाऊनी को एक हम एक बोली के रूप में कैसे बचा सकें. कैसे हम आने वाली पीढ़ी तक अपनी बोली को किसी तरह पहुंचा सकें? एक ऐसे समय में जब हमारी शिक्षा व्यवस्था से स्थानीय बोलियों को गंवारों की भाषा मान लिया है ऐसे में यह काम और कठिन हो जाता है.
आज आपको कुमाऊनी बोली में छपने वाले लेख गिनती में मिलें लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कुमाऊनी में छपने वाले पत्र-पत्रिकाओं की संख्या सैकड़ों में थी जो होते होते आज के दिन लगभग सात से आठ तक होगी.
इन सैकड़ों पत्र-पत्रिकाओं के छ्पने और लोगों के बीच लोकप्रिय होने का एक महत्वपूर्ण कारण कुमाऊनी का अपने विशाल मौलिक शब्दकोश के साथ विशेष ध्वनि उच्चारण को माना जा सकता है. कुमाऊनी बोली का शब्दकोश अत्यंत समृद्ध रहा है और उतनी ही समृद्ध है कुमाऊनी में आम बोलचाल में प्रयोग में लायी जाने वाली ध्वनियां. उदाहरण के लिये कुमाऊनी में जानवरों को बुलाने या भगाने के लिये अलग-अलग ध्वनियों का प्रयोग किया जाता है.
अब जैसे आपको किसी बिल्ली को बुलाना है तो ध्वनि होगी आ…शिरुSSशिरु. वहीं आपको बिल्ली को भगाना है तो ध्वनि होगी शिर-शिर-शिर… इसी क्रम में बकरी को बुलाने के लिये आतीsss-ती-ती ध्वनि का प्रयोग किया जाता है.
वहीं जब जानवरों को ग्वाले जंगलों से लाते हैं तो उन्हें गोठ (जानवरों को रखने के स्थान के लिये कुमाऊनी शब्द) में डालने के लिये गोssssठ्.. गोठ्..गोठ्.. गोठ् का प्रयोग किया जाता है. बंदरों को भगाने के लिये ओहोहोहोहो.. का प्रयोग किया जाता है.
खेतों में हल की जुताई के समय बैलों को झुकते हुए हल चलाने के लिये न्यूण-न्यूण…बैलों को रोकने के लिये दोनों होठों को दबाकर विशेष प्रकार की ध्वनि निकाली जाती है जिसे शब्दों में कुछ इसतरह लिखा जा सकता है प्चूंऊऊऊऊऊ… इसी तरह जब बैलों को पलटाना हो तो पल्ट-पल्ट के साथ मोटी सी प्प्प्प जैसी ध्वनि निकाली जाती है.
इसी तरह कुत्ते को बुलाने के लिये यू-यू-यू तो कुत्ते को भगाने के लिये हड़ी-हड़ी जैसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है.
अगर आपको भी इस तरह की ध्वनियां और शब्द याद हैं तो कमेन्ट बाक्स में बताइये कि आपने किस जानवर को भागने के लिये अपने बचपन में कौन सी ध्वनि या शब्द का प्रयोग किया है.
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-काफल ट्री डेस्क
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आले ले ले बकरे लेले छीयु
भैंस को हे ला हे ला,,,,पानी पिलाते वक्त,,हे प्आंआंआं
गाय के गौमूत्र लेते वक्त,,,,गाई गोंत गोंत गोंत गोंत