हैडलाइन्स

गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा छोलिया नृत्य

इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ख़ास होगी. उत्तराखंड राज्य की झांकी का नाम है मानसखण्ड. झांकी के आगे और बीच के भाग में कार्बेट नेशनल पार्क का दृश्य है जिसमें हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर के अलावा राज्य में पाए जाने वाने विभिन्न पक्षी देखने को मिलेंगे. झांकी के पिछले भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह और देवदार के पेड़ दिखाये जाएंगे.
(Uttarakhand Republic Day Parade 2023)

गणतंत्र दिवस की इस परेड में होने वाली झांकी सबसे ख़ास बात है इसमें शामिल छोलिया दल और लोककला ऐपण की झलक. झांकी एक झलक आज रक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय रंगशाला शिविर दिल्ली में देखने को मिली. राज्य के कलाकारों ने उत्तराखंड की पांरपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
(Uttarakhand Republic Day Parade 2023)

लोक संस्कृति की यह झलक देखते ही बनती है. इस झलक की कुछ तस्वीरें सोशियल मीडिया पर खूब पंसद की जा रही है. गणतंत्र दिवस परेड की इस झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी केएस चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड से 18 कलाकार में भाग ले रहे हैं.

उत्तराखंड राज्य की इस झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने इस साल की गणतंत्र दिवस परेड के लिए 17 राज्यों की झांकियों का चयन किया है. इस साल गणतंत्र दिवस के मौके होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी भी एक है.
(Uttarakhand Republic Day Parade 2023)

काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बर्फ ही नहीं हरियाली भी गायब हो रही है हिमालयी इलाकों से

हिमालय को आमतौर पर बर्फ़, जंगल और हरियाली का प्रतीक माना जाता है, लेकिन एक…

2 days ago

उत्तराखंड क्रिकेट टीम से रचा इतिहास

उत्तराखंड क्रिकेट ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया. राज्य की टीम ने जमशेदपुर…

2 days ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया…

6 days ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले…

6 days ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत…

6 days ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों…

6 days ago