पिछले दिनों भारत बांग्लादेश के बीच हुई टी-20 श्रृंखला के अंतिम मैच में दीपक चाहर ने हैट्रिक ली. इसके बाद बीसीसीआई समेत सभी ने यह दावा किया कि अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में टी-20 में पहली हैट्रिक लेने वाले खिलाड़ी दीपक चाहर हैं. First Indian to Claim a Hat-trick in a T-20
अपने आप में सही लगने वाली यह बात तथ्यात्मक रूप से गलत है. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 मैच में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय दीपक चाहर नहीं हैं. यह कारनामा उनसे पहले एक और भारतीय कर चुकीं है और वह खिलाड़ी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रहने वाली एकता बिष्ट हैं. First Indian to Claim a Hat-trick in a T-20
एकता बिष्ट भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सीनियर खिलाड़ी हैं. एकता स्लो लेफ्ट आर्म बॉलर हैं. टी-20 में अब तक उनके नाम 53 विकेट हैं. उन्होंने 2014 में ही श्रीलंका के खिलाफ़ टी-20 में हैट्रिक लेने का कारनामा कर दिखाया था.
2014 में महिला टी-20 के प्ले ऑफ़ क्वालीफायर के एक मैच में एकता बिष्ट ने श्रीलंका के खिलाफ़ हैट्रिक ली थी. उन्होंने पारी के आखिरी ओवर में चार खिलाड़ियों को आउट किया था. इस मैच में एकता ने चार ओवर में 16 रन देकर तीन विकेट झटके थे और भारत ने मैच को नौ विकेट से जीता था.
एकता बिष्ट अल्मोड़ा की रहने वाली हैं. एकता बिष्ट चार-भाई बहिनों में सबसे छोटी हैं. 1500 रूपये की पैंशन पर उनके पिता कुंदन सिंह बिष्ट फ़ौज से रिटायर हुये थे. बेटी का क्रिकेट न छूटे इसके लिये कुंदन सिंह बिष्ट ने अल्मोड़ा में चाय की दुकान खोली. एकता 2011 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल हुई.
बीसीसीआई ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि दीपक चहार अन्तराष्ट्रीय टी-20 में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय बने. जिसके बाद काफ़ी लोगों ने बीसीसीआई की आलोचना भी की.
बीसीसीआई का महिला क्रिकेट को लेकर हमेशा ख़राब रवैया रहा है. अपनी महिला खिलाडियों के प्रति इस रवैये को लेकर बीसीसीआई की कई बार आलोचना होती है.
यह पहली बार नहीं है जब बीसीसीआई ने महिला खिलाड़ियों को तवज्जो नहीं दी है इससे पहले भी कई बार बीसीसीआई यह कर चुकी है. हालिया उदाहरण स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा जैसे कई खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन हैं.
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