हैडलाइन्स

शौकियाथल में पहली बार दिखा टायगर

अल्मोड़ा में शौकियाथल इलाके पास टायगर देखे जाने की खबर सोशियल मीडिया में वायरल हो रही है. रविवार के दिन पनुवानौला के कुछ लोग जगरिये को बुलाने जागेश्वर क्षेत्र के ठिकलना गांव जा रहे थे। कार से यात्रा कर रहे गांव वालों ने शौकियाथल के पास निर्माणाधीन रोड के किनारे टायगर नजर आया। कार में सवार युवकों ने चहलकदमी करते टायगर का वीडियो शूट किया. इस वीडियो को सोशियल मीडिया में वीडियो को कई बार देखा जा चुका है.
(Tiger Spotted in Almora Uttarakhand)

उत्तराखंड में टायगर तराई इलाकों में खूब देखा जाता है. पहाड़ी इलाकों में गुलदार अक्सर देखने को मिलता है. जागेश्वर क्षेत्र के शौकियाथल इलाके में भी पहले तेंदुए देखे गये हैं लेकिन यह पहली बार है जब इलाके में टायगर देखा गया. वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक क्षेत्र में अब तक कभी भी टायगर नजर नहीं आया है.

वर्तमान में इस टायगर की वर्तमान स्थिति के विषय में जानकारी नहीं है. खबरों के अनुसार युवाओं ने टायगर को देखने के बाद शोर मचाया जिसके बाद बाघ बिनसर के जगंलों की ओर चला गया. यह कयास लगाया जा रहा है कि यह टायगर कॉर्बेट पार्क से बिनसर वन्यजीव अभ्यारण होता हुआ शौकियाथल आ पहुंचा होगा.
(Tiger Spotted in Almora Uttarakhand)

उत्तराखंड राज्य में वर्तमान में कुल 570 टायगर हैं जिनमें से 270 टायगर अकेले कॉर्बेट पार्क में हैं. पिछले कुछ वर्षों में राज्य में टायगरों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गयी है. 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रहने वाले टायगर के इस तरह पहाड़ चढ़ने पर सभी आश्चयर्यचकित हैं.

कार्बेट पार्क रामनगर के निदेशक डॉ. धीरज पांडे दैनिक अख़बार अमर उजाला को दिए एक बयान में कहते हैं कि पिछले कुछ समय से पहाड़ में बाघों की उपस्थिति के मामले सामने आ रहे हैं. जलवायु परिवर्तन, आसान भोजन और तराई के जंगलों में इनकी बढ़ती संख्या के चलते बाघ पहाड़ों की ओर रुख करने लगे हैं. जागेश्वर क्षेत्र में बाघ की सक्रियता का पता लगाने के लिए ट्रैप कैमरे लगाने चाहिए.
(Tiger Spotted in Almora Uttarakhand)

काफल ट्री फाउंडेशन

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बचपन से छीन ली गई बचपन की तस्वीर

यह दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर है. इस से पहले मैंने ऐसी तस्वीर नहीं देखी,…

15 hours ago

खसों पर हुए वैज्ञानिक अध्ययन

डीएनए, आनुवंशिकी और मानवशास्त्र की दृष्टि से एक वैज्ञानिक समीक्षा भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में यदि…

2 days ago

वह माला के गेट पर सुबह-शाम पहरा देते मिलता

माला नाम था उसका. छरहरी काया, बला की ख़ूबसूरत. लेडीज साइकिल से जब कॉलेज आती,…

4 days ago

पहाड़ो में भूस्खलन

उत्तराखण्ड का अधिकांश भूभाग हिमालय की पर्वतीय श्रृंखलाओं में स्थित है, जहाँ तीव्र ढाल, गहरी नदी घाटियाँ, युवा…

6 days ago

जर्मन की लड़ाई और रुद्रनाथ की चढाई

पनार बुग्याल के ऊपरी छोर वाले रास्ते पर अब हम चल रहे हैं. पनार चोटी…

6 days ago

हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी

पिछली कड़ी : कुमाऊं का सबसे बड़ा सामाजिक समूह “खस” रहा : आर. डी. सनवाल सन 1928 में अल्मोड़ा…

6 days ago