सुन्दर चन्द ठाकुर

जीवन बदलना है तो अपने सोचने का ढंग बदलिए : पॉजिटिव थिंकिंग के तीन सिद्धांत

क्या आप जानते हैं कि आपके पास एक ऐसी शक्ति छिपी हुई है, जो आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करवा सकती है. वह शक्ति है पॉजिटिव थिंकिंग की. सकारात्मक सोचने की शक्ति. पावर ऑफ पॉजिटिव थिंकिंग. आप अपनी थिंकिंग पावर से जो भी कल्पना करेंगे, वह आपके जीवन की हकीकत बन जाएगा. दुनिया भर में जितने भी सफल लोग हुए हैं, जिन्होंने हैरतअंगेज कारनामे किए हैं, सबका मानना है कि उन्होंने पहले अपने मन में उन कारनामों की कल्पना की, उन्हें अपने मन की आंखों से होते हुए देखा, उन कारनामों को कर दिखाने के बाद होने वाले खुशी के अहसास को महसूस किया और कारनामा सचमुच हकीकत बन गया. जी हां, आपको किसी भी चीज के बारे में सिर्फ पॉजिटिव सोचना है. Three Principles of Positive Thinking

कामयाबी के लिए सिर्फ इतना ही बहुत है. हमें इसका अंदाज नहीं, लेकिन अपने जीवन में हम जो भी सोचते हैं, अपने बारे में जैसा भी सोचते हैं, वैसा ही हमारे जीवन में होता जाता है, हम वैसे ही बनते जाते हैं. पॉजिटिव थिंकिंग के तीन सिद्धांत हैं. अगर आप इन्हें अपने जीवन में अपना लें, तो दुनिया में ऐसा कुछ नहीं जिसे आप हासिल नहीं कर सकते. Three Principles of Positive Thinking

पहला सिद्धांत – जो आप बार-बार सोचते हैं, आप वही बन जाते हैं

अगर आप अपने ही जीवन में पीछे झांककर देखें, तो पाएंगे कि आपने जिन चीजों के बारे में बार-बार सोचा वे आपके जीवन का हिस्सा बनती चली गईं. चाहे स्कूल में क्लास का मॉनिटर बनना हो, क्लास में अच्छे नंबरों से पास होना हो, किसी खेल में हमेशा फर्स्ट आन हो, कोई नई चीज सीखनी हो. यह सब पॉजिटिव थिंकिंग के इसी सिद्धांत के कारण हुआ. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिन चीजों के बारे में आप बार-बार सोचते हैं, वे आपके चेतन मन के रास्ते से अवचेतन मन तक पहुंचती रहती है. एक बार अवचेतन मन में कोई बात अगर पहुंच जाती है, तो वह सौ फीसदी उसे हकीकत में तब्दील कर ही देता है.

दूसरा सिद्धांत –  जैसे इमोशंस आप बार-बार महसूस करेंगे आपके जीवन में वैसी ही घटनाएं घटेंगी

आपने क्या कभी अपने आसपास के लोगों को देखते हुए गौर किया है कि जो व्यक्ति जैसा होता है, जैसे इमोशंस महसूस करता है, उसके जीवन में वैसे ही घटनाएं होती रहती हैं. मैं निजी तौर पर ऐसे बहुत लोगों को जानता हूं, जो बात-बात पर रोते रहते हैं. हमेशा तनाव में रहते हैं, उदास और दुखी रहते हैं. मैंने जाने कितनी बार गौर किया है कि कुछ भी बुरा होना होता है, तो इन्हीं लोगों के साथ होता है. नौकरी जानी होती है, ट्रेन छूटनी होती है, बीमारी पकड़नी होती है, सब इनके साथ ही होता है. इनकी तुलना में जो लोग हमेशा खुश रहते हैं, पॉजिटिव एनर्जी से भरे रहते हैं, उनके जीवन में सारी अच्छी घटनाएं  होती रहती हैं. Three Principles of Positive Thinking

आपको अगर अपने जीवन में अच्छी चीजें लानी हैं, अच्छी खुशहाल स्थितियां पैदा करनी हैं, तो वैसे ही इमोशंस में रहना शुरू कीजिए. मन में वैसे ही भाव लाइए. जिन भावों में जिएंगे, वे ही स्थितियों के रूप में आपके जीवन में भी प्रवेश करेंगे.  खुश रहेंगे, तो खुशी देने वाली घटनाएं जीवन में आएंगे, दुखी रहेंगे, तो दुख देने वाली घटनाएं आपको त्रस्त करेंगी.

तीसरा सिद्धांत – आप जिसकी बार-बार कल्पना करेंगे, वही आपके जीवन की हकीकत बनेगा.

जिन स्थितियों को आप अपने जीवन में लाना चाहते हैं, उनसे जुड़ी हुई तस्वीरें देखिए. उनके बारे में कल्पना करें. भविष्य के बारे में चिंता करने से तो नुकसान होता है, पर कल्पना करने से वे चीजें आपके जीवन में हकीकत बनती हैं. यहां भी हमारा अवचेतन मन बड़ी भूमिका अदा करता है. हम जिन दृश्यों या तस्वीरों की बार-बार कल्पना करते हैं, वे हमारे अवचेतन में बैठ जाती हैं. और अवचेतन का स्वभाव है कि उसके पास जो भी दृश्य आते हैं, वह उन्हें वास्तविकता में बदल देता है. इसमें थोड़ा समय लग सकता है, पर देर सवेर वह कामयाब हो ही जाता है, बशर्ते कि आप उन दृश्यों की कल्पना करना न छोड़ें.

पॉजिटिव थिंकिंग के इन तीन सिद्धांतों को अगर आप अपने जेहन में बनाए रखें और उन पर चलें, तो आज आप कैसी भी स्थिति में हों, आपके कल को सुनहरा होने से कोई नहीं रोक सकता. पॉजिटिव थिंकिंग के बूते पर सफलताएं हमारे कदम चूमती हैं. हम रोज ही ऐसा होते देखते हैं. सफलता की कोई दूसरी राह संभव ही नहीं है. कामयाबी का हर मुकाम पॉजिटिव थिंकिंग की राह से ही हासिल होता है. आप अगर अपना जीवन बदलना चाहते हैं, तो वह अपने आप बदलेगा, आप पहले अपनी सोच तो बदलिए. पॉजिटिव सोचिए.  Three Principles of Positive Thinking

सुन्दर चंद ठाकुर

लेखक के प्रेरक यूट्यूब विडियो देखने के लिए कृपया उनका चैनल MindFit सब्सक्राइब करें
(Mind Fit 23 Column)

सुन्दर चन्द ठाकुर

कवि, पत्रकार, सम्पादक और उपन्यासकार सुन्दर चन्द ठाकुर सम्प्रति नवभारत टाइम्स के मुम्बई संस्करण के सम्पादक हैं. उनका एक उपन्यास और दो कविता संग्रह प्रकाशित हैं. मीडिया में जुड़ने से पहले सुन्दर भारतीय सेना में अफसर थे. सुन्दर ने कोई साल भर तक काफल ट्री के लिए अपने बचपन के एक्सक्लूसिव संस्मरण लिखे थे जिन्हें पाठकों की बहुत सराहना मिली थी.

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