डॉ. किरन त्रिपाठी

एक जमाने में डाकुओं का गढ़ था भाबरएक जमाने में डाकुओं का गढ़ था भाबर

एक जमाने में डाकुओं का गढ़ था भाबर

बदरीदत्त पाण्डे ने 'कुमाऊँ का इतिहास' में ऐतिहासिक सामग्री के आधार पर बयान किया है कि पहाड़ में जो गंभीर…

6 years ago
आजादी के वक्त कुल डेढ़ हजार मकान थे समूचे हल्द्वानी-काठगोदाम मेंआजादी के वक्त कुल डेढ़ हजार मकान थे समूचे हल्द्वानी-काठगोदाम में

आजादी के वक्त कुल डेढ़ हजार मकान थे समूचे हल्द्वानी-काठगोदाम में

सन 1947 में हल्द्वानी-काठगोदाम नगरपालिका क्षेत्र में अधिकतम 39 मोहल्ले और 1608 मकान थे. एक हाईस्कूल, एक डाक्टर वाला नागरिक…

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जब हल्द्वानी में पहली बार आई बिजलीजब हल्द्वानी में पहली बार आई बिजली

जब हल्द्वानी में पहली बार आई बिजली

1949-50 से पहले हल्द्वानी में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के लिये अधिकतर जगहों पर कैरोसिन तेल के लैम्प जलाये जाते थे.…

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1850 तक एक भी पक्का मकान नहीं था हल्द्वानी में1850 तक एक भी पक्का मकान नहीं था हल्द्वानी में

1850 तक एक भी पक्का मकान नहीं था हल्द्वानी में

दस्तावेजों में हल्द्वानी का जिक्र 1824 में मिलता है जब उस साल हैबर नाम का एक अंग्रेज पादरी बरेली से…

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