हैडलाइन्स

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड की झांकी का पहला स्थान

उत्तराखंड की मानसखंड पर आधारित झांकी को गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों में पहला स्थान मिला है. इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ने सभी को खूब आकर्षित किया. यह झांकी मानसखंड थीम पर आधारित थी.
(Republic Day Parade Uttarakhand Jhanki)

उत्तराखंड की झांकी में आगे और बीच के भाग पर कार्बेट नेशनल पार्क का दृश्य था. इसमें हिरन, बारहसिंघा, घुरल, मोर के अलावा राज्य में पाए जाने वाने विभिन्न पक्षी दिखाये गये थे. झांकी के पिछले भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह और देवदार के पेड़ दिखाये गये थे.

इस झांकी सबसे ख़ास बात है इसमें शामिल छोलिया दल और लोककला ऐपण की झलक थी. साथ में चल रहे छोलिया दल ने सबका दिल जीत लिया था. झांकी के मंदिर को ऐपण की बेलों से सजाया गया. सूचना विभाग के निदेशक केएस चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड से 18 कलाकार इस झांकी में शामिल हुए थे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झांकी की एक तस्वीर साझा कर ट्वीट किया. मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा –
(Republic Day Parade Uttarakhand Jhanki)

गौरवशाली क्षण!
गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर कर्तव्य पथ पर निकाली गई झांकियों में देवभूमि के वैभवशाली सांस्कृतिक गौरव को परिलक्षित करती ‘मानसखण्ड’ पर आधारित उत्तराखण्ड की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई.

इस झनकी में शामिल लोकनृत्य छोलिया के दल के सदस्य पिथौरागढ़ जिले के थे. इससे पहले 1956 और 1966 में गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली में इंद्रमणि बडोनी के निर्देशन में पहाड़ के लोकनृत्य केदार नृत्य की प्रस्तुति की गयी थी. इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल छोलिया दल की राष्ट्रपति महोदय के साथ तस्वीर देखिये-

काफल ट्री फाउंडेशन

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

2 weeks ago

भारतीय परम्परा और धरती मां

हमारी भारतीय परंपरा में धरती को हमेशा से ही मां कह कर पुकारा गया है. ‘माता…

2 weeks ago

एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता

तत्कालीन नार्थ वेस्टर्न प्रोविनेंस यानी उत्तर प्रदेश के जिस ब्रिटिश अधिकारी ने उन्नीसवीं शताब्दी के…

3 weeks ago

बीमारी का बहम और इकदँडेश्वर महाराज का ज्ञान

संसार मिथ्या और जीवन भ्रम है, मनुष्य का मानना है वह जीवों में श्रेष्ठ व बुद्धिमान…

3 weeks ago

शकटाल का प्रतिशोध

पिछली कथा में हमने देखा कि कैसे योगनंद सत्ता तक पहुँचा, शकटाल ने अपने सौ पुत्र…

4 weeks ago

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 months ago