आज जब पिथौरागढ़ के छात्रों द्वारा पुस्तक और शिक्षक के लिये चल रहे आन्दोलन को राष्ट्रीय मिडिया ने दिखाना शुरु किया है तो छात्रों में एक नया जोश है. पिथौरागढ़ के छात्रों द्वारा चलाये जा रहे आन्दोलन को आज पूरा देश नयी उम्मीद की तरह देख रहा है.
पहाड़ के सभी अख़बारों ने अब इस आन्दोलन की खबरों को प्रमुखता से छापना भी शुरु का दिया है. आन्दोलन के इस दौर में जबकि यह गति पकड़ चुका है यह जानना बहुत जरूरी है कि उत्तराखंड सरकार इस पर क्या कदम उठा रही है.
इस आन्दोलन के जवाब में प्रदेश की भाजपा सरकार इन दिनों भाजपा संख्या बल बढ़ाने में व्यस्त है. राज्य मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य की फेसबुक वाल देख लीजिये सभी भाजपा सदस्य संख्या बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं.
फिर चाहे वह प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हों या इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री हों. एक ऐसे समय जब कुमाऊं के दूसरे सबसे बड़े डिग्री कालेज में छात्र शिक्षक और किताब के लिये आन्दोलन कर रहे हैं उस समय उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भाजपा के सदस्यता अभियान में व्यस्त हैं.
सबसे अधिक चिंता का विषय है इस बेहद गंभीर मामले पर हरिद्वार से सांसद और भारत के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का रवैया हैं. आज जब भारत के शिक्षा मंत्री के राज्य में होने वाले शिक्षक पुस्तक आन्दोलन की चर्चा देश भर में हो रही है ऐसे समय में भारत के शिक्षा मंत्री अपने फेसबुक वाल पर अपनी लिखी हुई कविता पोस्ट कर रहे हैं.
आज उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने भी फेसबुक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थापना दिवस पर बधाई संदेश पोस्ट किया है. जाहिर है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों को भी किताबों और शिक्षकों की आवश्यकता होगी लेकिन शिक्षा मंत्री ने इस संबंध में अभी तक किसी प्रकार का कोई बयान जारी नहीं किया है.
दिनों से किताबों और शिक्षकों के लिये आन्दोलन कर रहे हैं पिथौरागढ़ के युवा
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