जयमित्र सिंह बिष्ट

आजकल बिनसर के जंगल की खुशबू लेना अमृतपान करने जैसा है

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree

एक जंगल को अपने पूरे शबाब में देखना बिल्कुल ही अलग अनुभव है. बिनसर मेरे प्रिय जंगलों में से एक है शायद इसलिए भी की इसे पिछले 20 से ज्यादा सालों से देखता और डॉक्यूमेंट करता चला आ रहा हूं फिर वो चाहे बुरांश से भरा बिनसर हो या फिर बर्फ से ढका बिनसर हो पतझड़ का रंगीन बिनसर हो या फिर जाड़ों में हिमालय के साथ रंग भरता बिनसर हो.
(Photos of Binsar 2023)

पर इन दिनों बरसात के बाद बिनसर का जंगल वाकई पूरे शबाब पर है. मानसून की बारिश के बाद धुला-धुला और हरा-भरा बिनसर आपको मंत्रमुग्ध सा कर देगा. आजकल बिनसर के जंगल की खुशबू लेना अमृतपान करने जैसा हो रहा है. क्या खुशबू है आजकल बिनसर के इन घने बांज और बुरांस के जंगल की. इसके आगे और इससे बढ़िया ऑक्सीजन की कल्पना बेमानी है.

वैसे तो बिनसर में कई जंगल ट्रेल हैं जो मैं आपको बता सकता हूं पर आज जिस ट्रेल के फोटोग्राफ मैंने लिए हैं उसकी बात करते हैं. इस खुबसूरत ट्रेल का नाम है जीरो प्वाइंट या फिर झंडीधार जंगल ट्रेल. जीरो प्वाइंट ज्यादा पॉपुलर नाम है इसका और इसे झंडीधार भी कहते हैं.

झंडीधार इसलिए क्योंकि इस पर चलते-चलते आप इस पहाड़ के एकदम मुहाने यानि धार तक आ जाते हैं और झंडी इसलिए की किसी जमाने में यहां पर दिशा या फिर स्थान चिन्ह के तौर पर एक झंडा या फिर झंडी फहराई जाती थी.
(Photos of Binsar 2023)

इस साल की पूरी बारिश पीने के बाद इस ट्रेल पर चलकर बिनसर के जंगल को देखना अलौकिक है, अदभुत है. बांज और साल के सैकड़ों पेड़ों पर हरी-हरी मॉस किसी मखमली लिबास सा आभास दिलाती हैं. जगह-जगह जंगल से झांक रहे वाइल्ड फर्न्न आपका बांह फैलाकार स्वागत करते हैं.

बांज के विशाल पेड़ों में मॉस पर एक अलग ही किस्म का दृश्य दिखता है. इसपर असंख्य वाइल्ड लीफ उग आईं हैं जो पूरे ओक ट्री को किसी इंसान सा स्वरूप देती नज़र आती है. ऐसा लगता है कि बिनसर के पेड़ों में किसी ने जान फूंक दी हो और ये आपको खड़े होकर निहार रहे हों मुस्कुरा रहे हों.

बिनसर एक अलग संसार है खासकर तब जब आप शहरों की प्रदूषित होती जा रही. दुनिया से हटकर सुकून की तलाश में हों तब यकीन मानिए आपके लिए बिनसर का जंगल बांह फैलाए हमेशा आपके स्वागत को तैयार है. अभी देखिए मानसून में बिनसर के जंगल की बहार को इन तस्वीरों में जो मैंने बीते रविवार को ली हैं.
(Photos of Binsar 2023)

जयमित्र सिंह बिष्ट

अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.

इसे भी पढ़ें: अल्मोड़े से ‘सुपर ब्लू मून’ की तस्वीरें

काफल ट्री का फेसबुक पेज : Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी,…

20 hours ago

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…

5 days ago

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…

5 days ago

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…

5 days ago

‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है

लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा…

7 days ago

धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’

पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…

1 week ago