फोटो: सुधीर कुमार
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय पार्क उत्तराखण्ड के कुमाऊँ मंडल के नैनीताल जिले में है. 1936 में इस पार्क की स्थापना हेली नेशनल पार्क के नाम से बंगाल टाइगर के संरक्षण के उद्देश्य से की गयी थी. बाद में पार्क का नाम बदलकर प्रख्यात शिकारी और पर्यावरणविद जिम कॉर्बेट के नाम पर रख दिया गया, जिनकी इस पार्क की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका थी.
यह पार्क रामगंगा नदी की घाटी पर 1300 से ज्यादा वर्ग किमी क्षेत्र में बना है. यहाँ पेड़-पौधों, वन्य जीवों की सैंकड़ों प्रजातियाँ हैं. इसके पास हजारों एकड़ का घना जंगल, नदी, घास के विशाल मैदान और रामगंगा पर बनी झील समेत बहुत कुछ ऐसा है जो पर्यटकों को आकर्षित करता है.
कॉर्बेट पार्क से साल 2018 की कुछ तस्वीरें-
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…
इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…
आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…
उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…
पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की…
1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि…