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भारत की पहली महिला भारोत्तोलक कोच पिथौरागढ़ की हंसा मनराल

हंसा मनराल भारत की पहली महिला भारोत्तोलक कोच रही हैं. रोमा देवी, कर्णम मल्लेश्वरी, ज्योत्सना दत्ता छाया अनीता चानू आदि कुछ ऐसे नाम हैं जो हंसा मनराल के प्रशिक्षणार्थी रहे. हंसा मनराल के दिशा निर्देशन में पहली बार भारतीय भारत्तोलक महिलाओं ने विश्व भारोत्तोलन प्रतियोगिता में 5 रजत और 2 कांस्य पदक जीते. चीन में आयोजित एशियाड चैम्पियनशिप में भारतीय महिला टीम ने 3 स्वर्ण, 4 सिल्वर और 14 कांस्य पदक प्राप्त किये. 29 सितम्बर 2001 को द्रोणाचार्य पुरूस्कार से हंसा मनराल को सम्मानित किया गया.

पिथौरागढ़ के भाटकोट में जन्मी हंसा मनराल का परिवार एक सामान्य परिवार था. अपने चार भाई बहिनों में वह सबसे छोटी थी. प्राथमिक शिक्षा भाटकोट के प्राइमरी स्कूल से पास करने के बाद इंटर की परीक्षा उन्होंने राजकीय बालिका इंटर कालेज ( जी.जी.आई.सी.) पिथौरागढ़ से ही किया. पिथौरागढ़ डिग्री कालेज से ही हंसा मनराल ने बी.ए की परीक्षा पास की.

इसी दौरान गोला, चक्का और भाला फेंक तीनों में पहला स्थान प्राप्त कर हंसा मनराल ने कुमाऊं चैम्पियन का खिताब जीता. संसाधनों की कमी के कारण हंसा मनराल गोला फेंक की प्रेक्टिस के लिये गोल पत्थरों से प्रेक्टिस किया करती थी. 1979 से 1985 तक राष्ट्रीय खेलों में गोला, चक्का और भाला फेंक प्रतियोगिताओं में हंसा मनराल ने 12 स्वर्ण, 4 रजत और 5 कांस्य पदक प्राप्त किये. 1983 में भाला फेंक की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हंसा मनराल के पैर में गंभीर चोट आ गयी जिसके बाद कुछ समय के लिये वह खेल से दूर रही. 1985 में राष्ट्रीय प्रतियोगिता कोयंबटूर में हंसा मनराल ने स्वर्ण पदक जीता लेकिन लगातार पैर दर्द के कारण उन्हें एथलेटिक्स छोड़ना पड़ा.

इसके बाद लखनऊ में हंसा मनराल की मुलाक़ात भारत्तोलन के राष्ट्रीय कोच गोविन्द प्रसाद शर्मा से हुई. गोविन्द प्रसाद शर्मा ने हंसा मनराल को भारोत्तोलन के लिये प्रेरित किया. 1985 में हंसा मनराल ने पहली बार में ही 80 से 90 किलोग्राम वजन उठाकर उ.प्र. भारोत्तोलन प्रतियोगिता जीत ली. 1986 से 1988 के बीच हंसा मनराल ने 7 नये राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये. इसके बाद हंसा मनराल बतौर खेल प्रशिक्षक मैदान पर रही जो अब तक जारी है.

भूमिका शर्मा   ( फोटो https://navbharattimes.indiatimes.com से साभार )

यहां हंसा मनराल की बेटी भूमिका शर्मा का जिक्र भी जरुरी रह जाता है. भूमिका शर्मा एक अन्तराष्ट्रीय स्तर की महिला बॉडी बिल्डर हैं. 2017 में महज 21 साल की उम्र में भूमिका शर्मा ने बॉडी बिल्डिंग मिस वर्ल्ड का ख़िताब जीत लिया था. बॉडी बिल्डिंग मिस वर्ल्ड का ख़िताब जीतने वाली भूमिका शर्मा भारत की पहली महिला हैं.

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Girish Lohani

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