देहरादून में रहे हर आदमी को चकराता रोड पर बनी एक पुरानी बिल्डिंग याद होगी जिसपर हमेशा नई फिल्म का पोस्टर लगता था. बिल्डिंग का नाम है प्रभात सिनेमा. प्रभात सिनेमा जिसने देहरादून की तीन तीन पीढ़ियों को सिनेमा के नये-नये रंग दिखाये. प्रभात सिनेमा में अब लोग फिल्म नहीं देख पायेंगे. Prabhat Cinema Closed
देहरादून का सिंगल स्क्रीन प्रभात सिनेमा अब बंद हो गया है. 1947 में बना यह सिनेमा हॉल देहरादून की तीन पीढ़ियों की यादों में खूब रहा है. साल 1947 में इसे टी.एस. नागलिया ने शुरु किया था जिसे आगे उनके बेटे दीपक नागलिया ने बखूबी आगे बढ़ाया.
साल 1977 में दीपक ने 500 सीटों वाले इस सिनेमाघर में सीटों की संख्या 900 तक की. उन्होंने बदलते सिनेमा के साथ अपने यहां भी लगातार तकनीकी बदलाव भी किये लेकिन मल्टीस्क्रीन सिनेमा के इस दौर में उनका सिंगल स्क्रीन सिनेमा पीछे हो गया. हालांकि मल्टीस्क्रीन के लिये उन्होंने कोशिश की लेकिन उन्हें पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं मिली.
30 मार्च के दिन प्रभात सिनेमा में बॉबी फिल्म लगनी थी जिसके साथ ही सिनेमाघर में लगने वाली यह आख़िरी फिल्म होती. लेकिन कोरोना वायरस के कारण प्रभात सिनेमा समय से पहले ही बंद हो गया.
प्रभात सिनेमाघर के मालिक दीपक बताते हैं कि कपूर परिवार से अच्छे संबंध होने के कारण उन्होंने तय किया था कि वे ऋषि कपूर की फिल्म बॉबी को अपने सिनेमाघर की आखिरी फिल्म के तौर पर लगायेंगे. रंधीर कपूर और ऋषि कपूर जब देहरादून में पढ़ते थे तब दीपक नगालिया के पिता उनके लोकल गार्जन थे. इसीतरह दीपक, करिश्मा कपूर के लोकल गार्जन रहे. Prabhat Cinema Closed
दीपक नगालिया और उनके बेटे तुषार ने देहरादून में ओपन एयर सिनेमा की शुरुआत की है. विश्वभर में मशहूर ओपन एयर सिनेमा का यह कांसेप्ट देहरादून में शुरु करने वाला नगालिया परिवार ही है.
काफल ट्री डेस्क
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