पुण्यतिथि पर गिर्दा को रुद्रपुर में गीतों द्वारा श्रद्धांजलि

उत्तराखंड के जनकवि गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ की 8वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय रवींद्र नगर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए.

सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘क्रिएटिव उत्तराखंड’ के सदस्य हरीश त्रिपाठी ने बताया कि संस्था की पहल पर हर वर्ष रुद्रपुर में विभिन्न तरीकों से गिर्दा को याद किया जाता है. इस साल विभिन्न पर्यावरण आंदोलनों में गिर्दा की सक्रियता को याद करते हुए उनके गीतों के साथ वृक्षारोपण का कार्यक्रम हुआ. ‘सृजन पुस्तकालय’ से जुड़े बच्चों द्वारा मानवीय गतिविधियों से पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर एक नाटक प्रस्तुत किया गया.

कार्यक्रम में उपस्थित शहर के वरिष्ठ शिक्षक हीरा बल्लभ शास्त्री ने पर्यावरण को बचाने के लिए एकजुट होने की जरूरत पर बल दिया. पर्यावरणविद डॉ. आशुतोष पन्त ने वृक्षारोपण के महत्व को समझाया. शिक्षक उषा टम्टा ने चिपको आंदोलन, नदी बचाओ आंदोलन में गिर्दा की सक्रियता पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर स्कूल परिसर में आम, जामुन, नीम, आंवला, कपूर, कदम्ब, महुआ, अमलतास, शीशम, हरड़, अर्जुन, पीपल, अशोक, करोंदा, बेल, कढ़ी पत्ता के लगभग 60 पौधे लगाए गए.

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों द्वारा गिर्दा को उनके गीतों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई.  लोगों द्वारा गिर्दा के बूँद बूँद को तरसोगे जब, ऐसा हो स्कूल हमारा , हालात ए सरकार आदि गीत गाये गये. इस अवसर पर हरीश त्रिपाठी, के के शर्मा, सुनील आर्या, अर्जुन, नीरज, राजबहादुर, पूजा आदि लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार कस्तूरीलाल तागरा ने किया.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

Recent Posts

कानिया के प्रेम में दीवानी सुबनी : लोककथा

रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के…

5 days ago

चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार

चीड़ के जंगल उत्तराखण्ड के कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में 900 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर बहुतायत में पाये…

5 days ago

मेरी यादों का पहाड़ : एक बहुआयामी किताब

2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब 'मेरी यादों का पहाड़' छापकर सराहनीय…

5 days ago

पहाड़ की पुकार जो खींच ले गई मुझे

नौ साल बाद पिथौरागढ़ जा रहा था. पिछले कुछ वर्षों में जब भी छुट्टी मिली, बेटी…

1 week ago

‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है

देवी मां उदास है परन्तु परलोक गया पुत्र आज भी यादों में आकर उसको हिम्मत…

1 week ago

सोशियल इकोनॉमी ऑफ हिमालय : हिमालय की सामाजिक अर्थव्यवस्था का आरंभिक अकादमिक अध्ययन

पिछली कड़ी : उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी…

2 weeks ago