फोटो: Livemint से साभार
एकाध करोड़ की नहीं यह पूरे 200 करोड़ रुपये की शादी थी. दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले भारतीय मूल के गुप्ता परिवार ने उत्तराखंड सरकार के अनुरोध पर स्विट्ज़रलैंड जैसी जगहों के बजाय उत्तराखंड को अपने खानदान की एक महत्वपूर्ण शादी के लिए वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर चुना था. (Garbage in Auli Wedding Aftermath)
औली में शादी कीजिये और बद्री-केदार के प्रांगणों में डिस्को
शादी हो भी गयी और जैसा कि गुप्ता बंधुओं का वायदा था उत्तराखंड के औली और उसके आसपास के गाँवों के लोगों को इस आयोजन से इतना रोजगार मिला कि उनकी सात पुश्तें आराम से उस 501 रुपये वाले लिफ़ाफ़े के सहारे से आराम से खा-पी सकेंगी जो उन्हें नेग के रूप में प्राप्त हुआ. (Garbage in Auli Wedding Aftermath)
औली में करोड़ों के तमाशे के बाद पहाड़ का क्या होगा?
इस शादी में मुख्यमंत्री भी आये और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी. बाबा रामदेव भी मेहमान थे और कैटरीना कैफ भी.
स्विट्जरलैंड से फूल आये, पंडाल लगा, डीजे बजा, डांस हुआ, दावत हुई. सब खुश हो रहे. और तो और इस शादी में मेहमानों ने दो घंटे योगा भी किया बताते हैं. मेहमान हेलीकॉप्टरों से आये और हेलीकॉप्टरों से ही वापस अपने घरों को गए.
बड़ी चीज है चचा! पहाड़ से हमें क्या लेना देना!
उनके जाने के बाद कूड़ा उठाने का नम्बर आया. जाहिर है इतनी बड़ी शादी होगी तो कूड़ा भी होगा. सरकारी अमला लग गया कूड़ा उठाने में. कूड़ा इतना अधिक था कि एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक पूरी तरह नहीं उठ सका है. बरसात ऊपर से आ गयी. तो कूड़े के साथ साथ उस मल और विष्ठा पर तैरना शुरू कर दिया जिसे अस्थाई सीवेज टैंकों में मेहमान भर कर गए थे.
उधर शादी का विरोध करने वाले जन संगठन और पर्यावरणप्रेमी एक के बाद एक पीआईएल डाल रहे थे, केस कर रहे थे, सोशल मीडिया पर हाहाकार मचाए हुए थे.
फिलहाल नगर पालिका के अध्यक्ष महोदय ने जनसाधारण को सूचित किया है कि शादी करने वाले परिवार ने कूड़ा उठाने के एवज में 54,000 रुपये की भारी-भरकम रकम देकर उत्तराखंड पर एक और बड़ा अहसान करने का फैसला किया है. दहेज़ में एक कूड़ागाड़ी अलग से मिलेगी, ऐसी ख़बरें भी आ रही हैं.
अब जब चिड़िया खेत चुग कर जा चुकी है तो न्यायालय कहता है कि अगले महीने सुनवाई करेगा कि पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा.
उत्तराखंड में वैडिंग डेस्टिनेशन की संभावनाएं
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