Featured

एमटीवी पर ‘सीधे पहाड़ से’ गीत से हर एक पहाड़ी को गौरवान्वित कराने वाले गौरव मनकोटी से एक्सक्लूसिव मुलाकात

हाल ही में एमटीवी पर एक म्यूजिक प्रोग्राम ‘हसल’ आया था. इस म्यूजिक प्रोग्राम में अल्मोड़ा के रहने वाले गौरव मनकोटी का सीधे पहाड़ से रैप सॉंग वायरल हो गया था. गौरव मनकोटी का यह गीत सभी सोशियल साइट्स पर वायरल हुआ. ‘सीधे पहाड़ से’ गीत के द्वारा गौरव ने न केवल अपनी कहानी कही बल्कि पहाड़ की सुन्दरता का भी शानदार वर्णन किया. काफल ट्री के लिए VOID गौरव से यह एक्सक्लूसिव मुलाकात हमारे सहयोगी जयमित्र सिंह बिष्ट ने अपने आवास में की. इस बातचीत के साथ में देखिए अल्मोड़ा महोत्सव 2019 के दौरान गौरव की पहली ऑन स्टेज परफॉर्मेंस की तस्वीरें जो जयमित्र सिंह बिष्ट द्वारा ली गई हैं – संपादक (Exclusive Interview with Gaurav Mankoti)

सीधे पहाड़ों से प्रेरणा मिलती है मुझे, ये कहना अभी हाल में ही एमटीवी के प्रोग्राम ‘हसल’ में गाए अपने रैप सॉंग ‘सीधे पहाड़ से’ से फेम में आए VOID गौरव मनकोटी का. उनका कहना है कि उन्हें अपने पहाड़ी होने पर गर्व है और वो चाहते हैं कि वो भविष्य में भी इस तरह के रैप सोंग बनायें और गाएं, जिसमें कुमाऊंनी भाषा का प्रयोग किया गया हो. (Exclusive Interview with Gaurav Mankoti)

‘सीधे पहाड़ से’ गाने में गौरव ने ‘सब भल हैं री दाजू’ का प्रयोग किया जो लोगों, खासकर युवा वर्ग को काफी पसंद आया. गौरव ने अपना पहला गाना सिर्फ 15 साल की उम्र में लिख दिया था.

‘सीधे पहाड़ से’ गाने को पिछले एक महीने में तकरीबन 9 लाख लोगों ने यूटयूब पर सुना है. जिसमें उन्होंने रैप के माध्यम से अपनी कहानी सुनाई है.

‘सीधे पहाड़ से’ गाने में पहाड़ों की सुंदरता के अलावा यहां के कठिन जीवन और उनकी दादी तक का जिक्र है. गौरव के पहाड़ प्रेम का अंदाजा उनके वीडियो देख कर लगाया जा सकता है जिसकी शूटिंग वो अल्मोड़ा और उसके आसपास करते रहते हैं.

पिछले 2 साल से गौरव मुंबई में रहते हुए कई गाने और वीडियो बना चुके हैं. अल्मोड़ा महोत्सव में अपने कैरियर के पहले ओपन स्टेज परफॉर्मेंस करने आए गौरव मनकोटी ने अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस से सभी का दिल जीत लिया.

अल्मोड़ा की जनता और युवा वर्ग ने उन्हें दिल से सराहा और प्यार दिया. गौरव का कहना है कि वो अपने गाने दिल से बनाते हैं और इसका उन्हें जुनून है. इस जुनून का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं है.

गौरव कहते हैं कि सभी को अपने जुनून और शौक को जीना चाहिए. अपनी सफलता के पीछे गौरव अपनी माता वंदना मनकोटी और पिता बी. एस. मनकोटी को देते हैं, जिन्होंने डांस और गाने के फील्ड में जाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया.

इसमें कोई शक नहीं की गौरव एक उभरता हुआ सितारा हैं, पर उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि उनकी सफलता के पीछे उनका पहाड़ सा हौसला और उनका पहाड़ प्रेम है, जो सीधे उनके दिल से है.

लेखक के साथ बातचीत के दौरान गौरव
पिता बी. एस. मनकोटी के साथ गौरव
अल्मोड़ा के प्रसिद्ध लेखक शम्भु राणा के साथ गौरव

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

2 days ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 days ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 days ago

कुमाऊँ की खड़ी होली

इन दिनों उत्तराखंड के कुमाऊँ में होली की धूम है. जगह-जगह खड़ी होली और बैठकी…

1 week ago

आधी सदी से आंदोलनरत उत्तराखंड का सबसे बड़ा गांव

बात उन दिनों की है, जब महात्मा गांधी जब देश भर में घूमकर और लिखकर…

2 weeks ago

फूल, तितली और बचपन

बचपन की दुनिया इस असल दुनिया से कई गुना खूबसूरत होती है. शायद इसलिए क्योंकि…

2 weeks ago