हिमांचल प्रदेश में स्थित देओ टिब्बा चोटी की समुद्रतल से ऊँचाई 6001 मीटर है. इस चोटी में समिट करना काफी तकनीकी है. इस ट्रेक की शुरूआत मनाली से होती है.
मैं सुबह ही मनाली से ट्रेक के लिये निकल गयी. शुरुआत में ट्रेक काफी अच्छा था पर जैसे-जैसे आगे बढ़ती रही वैसे-वैसे रास्ता बहुत खराब और बेहद पथरीला होता चला गया. मुझे दो दिन लगे बेस कैम्प पहँचने में और जिस दिन बेस कैम्प पहँची मौसम बेहद खराब हो गया. तापमान बहुत नीचे गिर गया और तेज हवाओं ने रहना कठिन कर दिया. चोटी समिट करने के लिये मुझे सुबह ही निकल जाना था और इस समय भी मौसम बेहद खराब था और अब तो पूरा समिट टैक्नीकल हो गया. आइस ऐक्स और क्रैम्पन के बगैर आगे चलना कठिन हो गया.
इन सब कठिनाइयों के बावजूद जो खूबसूरत नजारे देखने को मिले वो अद्भुत थे. उनको देख लेने के बाद सारी परेशानियाँ गायब हो गयी और खूबसूरत यादें साथ में जुड़ गयी. इस बार का फोटो निबंध मेरे देओ टिब्बा पीक की तस्वीरों के साथ ही है.
विनीता यशस्वी
विनीता यशस्वी नैनीताल में रहती हैं. यात्रा और फोटोग्राफी की शौकीन विनीता यशस्वी पिछले एक दशक से नैनीताल समाचार से जुड़ी हैं.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…
भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…
उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…
‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…
कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…
बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…