इस वजह से ‘गिनीज बुक’ में दर्ज है चम्पावत का नाम

इस बात के विषय में कम लोगों को ही जानकारी है कि चम्पावत जिले का नाम गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड में दर्ज है. गिनीज बुक ऑफ़ रिकार्ड की ऑफिशियल वेबसाईट पर यह रिकार्ड आज भी देखा जा सकता है. बात 1900 से लेकर 1907 के बीच की है जब चम्पावत और इसके आस-पास के इलाकों के लोगों को लगने लगा कि चम्पावत पर किसी आदम भूत का साया है. एक ऐसा भूत जो दिन के उजाले में ही औरतों और बच्चों को अपना शिकार बना जाता है.
(Champawat Guinness World Records)

बाद में पता चला यह कोई भूत नहीं बल्कि एक बाघिन है. सरकारी कागजों में इस बाघिन ने कुल 436 इंसानों को अपना शिकार बनाया लेकिन यह माना जाता है कि बाघिन के शिकार लोगों की संख्या 500 से अधिक थी. 436 इंसानों को अपना शिकार बनाने वाली इस बाघिन के बारे में कहा जाता है कि इसने अपना पहला शिकार पश्चिमी नेपाल के रूपल नाम के गांव में बनाया था.

नेपाल में करीब 200 लोगों का शिकार करने के दौरान इस बाघिन को मारने के लिये कई सारे शिकारियों की नियुक्ति की गयी पर वह किसी के हाथ न आई. नेपाल के राजा ने बाघिन को पकड़ने के लिये अपनी सेना की एक टुकड़ी भेजी. संभवतः वह दुनिया की पहली बाघिन थी जिसे मारने के लिये सेना की नियुक्ति की गयी थी. सेना बाघिन को मारने में तो सफ़ल नहीं रही लेकिन उसे नेपाल की सीमा से खदेड़ने में सफ़ल हो गई.

अब बाघिन का नया इलाका काली के पार कुमाऊं के इलाके थे और नया शिकार थे कुमाऊं के अनजान लोग. कुमाऊं पहुंचने तक बाघिन बेहद शातिर और बेख़ौफ़ हो चुकी थी. बाघों के स्वभाव के विपरीत वह अब दिन के उजाले में अपना शिकार करने लगी. उसने अपना शिकार औरतों और बच्चों को बनाना जारी रखा. नये शिकार की तलाश में एक दिन में करीब 32 किमी तक की दूरी तय कर लेने वाली इस बाघिन ने इलाके को अपना नया घर बना लिया.
(Champawat Guinness World Records)

इलाके में बाघिन का खौफ़ इस कदर बड़ गया कि लोगों ने दिन में भी अकेले निकलना छोड़ दिया और तब बाघिन को मारने के लिये जिम कार्बेट की नियुक्ति हुई. कार्बेट का इससे पहले ऐसे किसी खूंखार नरभक्षी से न हुआ था. 1907 के साल बाघिन ने फुंगर गांव की एक 16 वर्ष की लड़की को पाना शिकार बनाया. कार्बेट ने खून के निशानों का पीछा करते हुये बाघिन को घेर लिया और अंधेरे में अपनी दो गोलियों से बाघिन को डराने के बाद तय किया कि अगले दिन ग्रामीणों की मदद से बाघिन को मारा जायेगा.

अगले दिन की दोपहर को कार्बेट ने तहसीलदार और 300 लोगों के समूह के साथ बाघिन को मारा गिराया. कार्बेट की पहली गोली बाघिन के सीने में और दूसरी उसके कंधे पर मारी. आखिरी गोली तहसीलदार की बंदूक से बाघिन के पैर पर लगी. 436 इंसानों को अपना शिकार बनाने वाली यह बाघिन दुनिया की सबसे खूंखार बाघिन है. दुनिया में सबसे अधिक इंसानों को अपना शिकार बनाने वाली इस बाघिन को आज भी ‘चम्पावत बाघिन’ नाम से ही जाना जाता है.
(Champawat Guinness World Records)

–काफल ट्री फाउंडेशन

इसे भी पढ़ें: 200 साल पहले ऐसा दिखता था चम्पावत

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