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पानी की मांग कर रहे लोगों पर मुकदमा कमजोर समाज की नियति

बेरीनाग में पानी के लिए प्रदर्शन कर रहीं चालीस महिलाओं समेत 70 लोगों पर मुकदमा दर्ज. धारचूला के आपदा पीड़ितों…

3 years ago

फूलदेई के बहाने डांड्यौं कांठ्यूं का मुलुक…

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी ऐसे चितेरे कवि-गायक हैं जो अपने गीतों में लोकजीवन, लोक-संस्कृति के साथ कुदरत का समूचा चित्र…

3 years ago

राजी जनजीवन की झलक दिखाता एक बेहतरीन उपन्यास

‘काली वार काली पार’ पुस्तक के लेखक शोभाराम शर्मा की एक दो कृतियां बहुत पहले पढ़ी थी, जिनमें उनके जनप्रतिबद्ध…

3 years ago

‘रमोलिया हाउस’ हमारी नई शुरुआत

लोकपर्व फूलदेई के मौके पर 'काफल ट्री' अपने निर्माणाधीन 'सांस्कृतिक केंद्र' के नाम की घोषणा कर रहा है. हल्द्वानी में…

3 years ago

फूलदेई: बाजार की मार से हांफता त्यौहार

बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है. उत्तराखण्ड के पहाड़ की तलहटी पर कुछ बसावटें कस्बे के सांचे में ढल रही…

3 years ago

कहानी : कैकेयी कंडक्टर और ‘बस-हो-चली-बुढ़िया’

(प्रकृति करगेती की यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘ठहरे हुए से लोग’ में शामिल है. कहानी संग्रह को अमेजन से…

3 years ago

जार्ज VI के काल का सिक्का पहाड़ में कहलाया छेदु डबल

आज भले ही कुमाऊं में दिन के न जाने कितने गीत बनाये जाते हैं पर जन सरोकार से जुड़ा कोई…

3 years ago

कीड़ाजड़ी – पिण्डर घाटी के जीवन का जादुई आईना

अनिल यादव की ‘कीड़ाजड़ी’ में कीड़ाजड़ी उतनी ही है जितनी कीड़े में जड़ी या जड़ी में कीड़ा होता है. नाम…

3 years ago

अंकिता हत्याकांड पर तथ्य अन्वेषण रपट

अपने सपनों को पूरा कर अपने परिवार का सहारा बनने की चाह में न जाने कितनी किशोरियां ताउम्र बेबसी और…

3 years ago

जब बंदर और लंगूर के शरीर से बना हुड़का गमकता है

उत्तराखंड के संगीत की बात हुड़के बिना अधूरी है. देवी-देवताओं के जागर हों या उत्सव हुड़का पहाड़ का मुख्य वाद्य…

3 years ago