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खुद को जवाब दो लड़कियो और मिलकर नई राह ढूंढो

मैं तय करती हूं कि तुम मेरे सार्त्र बनने के लायक नहीं - मनीषा पाण्डेय     वैसे इस सत्‍य से…

8 years ago

नगर पिथौरागढ़ का सम्पूर्ण इतिहास

‘शोर’ परगने को वर्तमान में जिला पिथौरागढ़, जिला बनने से पूर्व पिठौरागढ़, पिठौडागढ़ नाम से पुकारा जाता था. आम बोलचाल…

8 years ago

हजरत सैंया बाबा

मुझे बचपन की याद है कि मुंशी मत्लुबुर्रहमान खां नगरपालिका, अल्मोड़ा के खोड़ के मुंशी थे. वे नगर-पालिका परिषद् की…

8 years ago

सिटौला और घुघुता

वैसे तो ऊपर के चित्र में दिख रही चिड़ियां कुमाऊँ में बहुतायत से पाई जाती हैं और इनके कॉटेज मैना…

8 years ago

माफ़ करना हे पिता – 1

सभी के होते हैं, मेरे भी एक (ही) पिता थे. शिक्षक दिवस सन् २००१ तक मौजूद रहे. उन्होंने ७१-७२ वर्ष…

8 years ago

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 1

रूपकुंड की रहस्यमयी झील के बारे में मैं बहुत किस्से सुने चुकी हूँ. खासकर की झील के चारों ओर बिखरे…

8 years ago

यूपी के दो दोस्तों की चिठ्ठियाँ

प्रमुख रूप से चिंता का वि‍षय निश्‍चित रूप से गधा चिंतन ही है -राहुल पाण्डेय प्रिय मिरगेंदर, तुमने अपनी चिट्ठी…

8 years ago

अनारकली की हिचकी

सलीम अनारकली की प्रेमकथा फंतासी शैली में हिंदी ही नहीं, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम में भी फिल्मांकित की गई. मूक…

8 years ago

बेपरवाह बच्ची

बेपरवाह बच्ची -पद्मिनी अबरोल ''ये देख लो रश्मि मैडम, इस बच्ची का हाल ! मैंने तीन दिन पहले इसे अच्छे बच्चे…

8 years ago

क्षितिज तक फ़सल काट रही औरतें

आलोक धन्वा की यह कालजयी कविता कई कई बार सार्वजनिक मंचों पर पढ़े जाने की दरकार रखती है. भारतीय समाज…

8 years ago