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प्रेमचंद की याद

हिंदी भाषा के सबसे बड़े रचनाकार के रूप में आज भी प्रेमचंद की ही मान्यता है. हिंदी गद्य को आधुनिक…

8 years ago

विन्देश्वर का ऐड़ाद्यो महादेव मंदिर

विन्देश्वर का ऐड़ाद्यो महादेव मंदिर - धरणीधर पाण्डे यह मंदिर अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर कस्बे से लगभग 23 किमी. दूर…

8 years ago

सिंसूण अर्थात बिच्छू घास की कथा

मध्य हिमालय के उत्तराखंड में बसा पौराणिक मानसखंड कुमाऊँ मंडल तथा केदारखंड गढ़वाल मंडल जो अब उत्तराखंड के नाम से…

8 years ago

माफ़ करना हे पिता – 2

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 1) इसी कोठरी में मुझसे तीनेक साल छोटी बहन लगभग इतनी ही उम्र…

8 years ago

स्वतंत्रता आन्दोलन में उत्तराखण्ड की महिलाएं

उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक सांस्कृतिक परिस्थितियां होने के कारण यहां की महिलाएं देश के अन्य भागों की महिलाओं की तुलना…

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रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 2

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 1) मेरे पहुँचते ही मुझे चाय मिल…

8 years ago

क्या एक गमले की मिट्टी काफ़ी है इस वैभव को सींचने में

फ़ीके रंग वाला फूल कितने आक्रामक लगते है ये चटख रंग. कांच के टुकड़ों की तरह आँखों में घुसे जाते…

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यश चोपड़ा निर्देशित पहली फिल्म

बी आर फिल्म्स की यश चोपड़ा निर्देशित पहली फिल्म थी धूल का फूल. यश चोपड़ा ने फिल्म निर्माण का पहला…

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हल्द्वानी में ‘देशज’ का कानफोड़ू साउन्ड सिस्टम

हल्द्वानी में ‘देशज’ का कानफोड़ू साउन्ड सिस्टम -जगमोहन रौतेला हल्द्वानी में गत 2 अक्टूबर से महात्मा गॉधी की 150वीं जयंती…

8 years ago

हत्याएँ और आत्महत्याएँ एक जैसी रख दी गयी हैं इस आधे अँधेरे समय में

फ़र्क़ -आलोक धन्वा  देखना एक दिन मैं भी उसी तरह शाम में कुछ देर के लिए घूमने निकलूंगा और वापस…

8 years ago