Featured

पहाड़ी भात-दाल और काले बिस्कुट यानी मड़वे की रोटी को याद करते हुए

पहाड़ और मेरा जीवन – 24 (पोस्ट को लेखक सुन्दर चंद ठाकुर की आवाज में सुनने के लिये प्लेयर के…

7 years ago

रितुरैण या ऋतुरैण: चैत के महीने में गाये जाने वाले लोक गीत

रितुरैण या ऋतुरैण (Riturain) गीतों का उत्तराखण्ड की लोक परम्पराओं में महत्वपूर्ण स्थान रहा है. इन्हें बसंत ऋतु और विशेषकर…

7 years ago

11 अप्रैल को होंगे उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव

जैसी कि लम्बे समय से उम्मीद की जा रही थी लोकसभा चुनाव 2019 होना तय हो गया है. आज दिल्ली…

7 years ago

लाई वी न गई ते निभाई वी न गई

अंतर देस इ (… शेष कुशल है!) मामला जम नहीं रहा था. तीन दिन से लगातार पिच्चर हॉल जा रहा…

7 years ago

कितना कम जानते हैं हम तिब्बत के बारे में

तिब्बत विद्रोह दिवस आज दस मार्च है. (Tibetan Uprising Day 2019) मैं यह इस लिए याद दिला रहा हूँ कि…

7 years ago

वासु चटर्जी की फिल्म: चमेली की शादी

कुछ फिल्में दर्शकों को आज भी बेहद रोमांचित करती हैं. इस तथ्य पर गहनता से विचार करें कि, ऐसा क्यों…

7 years ago

शकुनाखर: मांगलिक अवसरों पर गाये जाने वाले गीत

शकुनाखर (Shakunakhar) उत्तराखण्ड (Uttarakhand) के कुमाऊँ मंडल में किसी भी शुभ कार्य की शरुआत से पहले गाये जाने वाले गीत…

7 years ago

फिरंगी जुल्म सहने की प्रैक्टिस के लिए जब अल्मोड़े के युवक अपने घावों में नमक भरवाते थे

अल्मोड़े में कांग्रेस का जन्म 1921 में हुआ. इससे पहले जब 1905 में बंग भंग आन्दोलन का प्रारम्भ हुआ, उससे…

7 years ago

पिथौरागढ़ का ‘महाराजा के’ पार्क

महाराजा पार्क का नाम वॉर मेमोरियल पार्क महाराजा के पार्क, पिथौरागढ़ में नब्बे के दशक में जन्मे बच्चों की मीठी…

7 years ago

रंग डारि दियौ हो अलबेलिन में – पहाड़ी होली पर गिर्दा का आलेख

काफल ट्री के नियमित सहयोगी चंद्रशेखर तिवारी ने 'उत्तराखण्ड होली के लोक रंग' नाम से एक महत्वपूर्ण पुस्तक का सम्पादन…

7 years ago