समाज

स्कूल की पाटी और भाई-बहन की मीठी नोक-झोंक

पिछली कड़ी- स्मृति द्वार पर प्रेम की सांकल प्राप्ति की ऑनलाइन क्लास चल रही है और वह सुबह उठकर फटाफट…

3 years ago

अल्मोड़े में सबसे स्वाद बाल मिठाई किसकी है

कुमाऊं और बाल मिठाई तो अब जैसे एक-दूसरे के पर्याय ही बन चुके हैं. आप कुमाऊं कहिये बाल मिठाई का…

3 years ago

कुमाऊनी गीत जिसे मैदान में रहने वाले पहाड़ी पुरुषों ने खूब पसंद किया

लोक गायक मदन राम जी का गीत ‘घर छू पहाड़ सौरास देश को’ कैसेट के दौर का एक लोकप्रिय गीत…

3 years ago

टनकपुर किताब कौथिग का पहला दिन

टनकपुर आज तक कुमाऊं के इतिहास में चर्चित रहा अपने रेलवे जंक्शन के कारण, नेपाल से लगी अपनी सीमा के…

3 years ago

बादल भिना पर-पर जा, घमुलि दीदी यथ-यथ आ

पहाड़ियों की एक ख़ास बात यह है कि वह सभी से परिवार का रिश्ता बांध लेते हैं फिर क्या देवता…

3 years ago

सम्पूर्ण हल्द्वानी खास की भूमि नजूल है?

उत्तराखंड के नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील के बनभूलपुरा क्षेत्र की अधिकाँश आबादी इन दिनों सड़कों पर है. सर्दी के…

3 years ago

स्मृति द्वार पर प्रेम की सांकल

जब हमारे घर में एक किराएदार की तरह लीज़ा आई थीं तब वह गर्भिणी थीं. पति फौज में हैं उनके…

3 years ago

पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच का इतिहास

हल्द्वानी शहर में विभिन्न सांस्कृतिक टोलियों के साथ बागेश्वर, सालम, जागेश्वर आदि स्थानों से पारम्परिक वाद्ययन्त्रों के साथ कलाकारों को…

3 years ago

इतिहास का विषय बन चुकी हैं उत्तराखण्ड के पर्वतीय अंचलों की पारम्परिक पोशाकें

विश्व के अन्य भागों की भाँति ही उत्तराखण्ड की संस्कृति भी अपने आप में समृद्ध रही है, परन्तु आधुनिकता की…

3 years ago

पहाड़ियों की अंग्रेजी टैट है

दिन भर की थकी हारी आमा जैसे ही सूरज डूबने के बाद घर में घुसी तो देखा किशन अंदर चारपाई…

3 years ago