परम्परा

ठेठ कुमाऊंनी रामलीला का इतिहास

चंदवंशी राजा बालो कल्याण चंद ने जिस अल्मोड़ा शहर को 1563 में बसाया, उसी अल्मोड़ा शहर के स्व. देवी दत्त…

7 years ago

आज है जानवरों के स्वास्थ्य से जुड़ा पर्व खतड़ुवा

खतड़ुवा उत्तराखंड में सदियों से मनाया जाने वाला एक पशुओं से संबंधित त्यौहार है. भादों मास के अंतिम दिन गाय की…

7 years ago

टोपी पहना दी जाती है तो कभी पहननी पड़ जाती है

टोपी का भी अपना इतिहास है. क्षेत्र व समुदाय से लेकर अपनी अलग पहचान बनाने के लिए भी टोपी पहनने…

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नन्दादेवी महोत्सव

नंदाकोट, नंदाकिनी, नंदाघूँघट, नंदाघुँटी, नंदादेवी, नंदप्रयाग, और नंदाभनार जैसे अनेक पर्वत चोटियाँ, नदियाँ तथा स्थल नंदा को उत्तराखण्ड में प्राप्त…

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किर्जी महोत्सव की कथा

उत्सव शब्द ही अपने आप में हर्षो-उल्लास एवं खुशी को व्यक्त करता है. जब भी किसी उत्सव की बात होती…

7 years ago

खाल का अर्थ अलग-अलग है कुमाऊं और गढ़वाल में

गढ़वाली बोली बोले जाने वाले इलाकों में 'खाल' शब्द का सम्बन्ध पहाड़ की चोटी के नज़दीक स्थित उस गहरे और…

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बग्वाल के अगले दिन उठता है देवी का डोला

देवीधूरा में होने वाले बग्वाल के अगले दिन अपरान्ह धूमधाम के साथ देवी माँ का डोला उठता है. इस अवसर…

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बग्वाल 2018 से एक रपट

उत्तराखंड के प्राचीनतम मेलों में से एक बग्वाल का आज चम्पावत के देवीधुरा में जोशीले अंदाज़ में प्रदर्शन हुआ. तकरीबन…

7 years ago

बग्वाल 2018 से ताज़ा तस्वीरें

इस वर्ष का बग्वाल अभी अभी संपन्न हुआ. मौके पर मौजूद हमारे सहयोगी जयमित्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बग्वाल…

7 years ago