इस वर्ष का बग्वाल अभी अभी संपन्न हुआ. मौके पर मौजूद हमारे सहयोगी जयमित्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बग्वाल अपरान्ह करीब दो बजकर चालीस मिनट पर शुरू होकर दो बज कर पचास मिनट पर समाप्त हुआ.
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Very nice pictures...
सचमुच जीवंत तस्वीरें मानो हम स्वयं खोलिखाड़ -दूबाचौड़ (मैदान ) में मां बाराही के धाम पहुंच कर ऐतिहासिक पाषाण युद्ध देख रहे हो
अत्यंत मनोहारी दृश्य की जीवंत तस्वीरें मानो हम सचमुच मां बाराही के धाम में पहुंचकर बग्वाल मेला देख रहे हो
गौरीशंकर कांडपाल,
(संस्कृतिकर्मी)
CCRT
सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र,