जन

उत्तराखंड के रीति-रिवाज़ों पर भी पलायन की मार

पलायन के साथ-साथ रीति रिवाजों का पलायन भी जोर पकड़ रहा है. पहले अपनी क्षमता के अनुसार खेती करके, उसमें…

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हर्ष देव जोशी की वसीयत

हर्ष देव जोशी को कुमाऊं का चाणक्य कहा जाता है. हर्ष देव जोशी को कुमाऊं का ऐतिहासिक पुरुष तो सभी…

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पंचेश्वर घाटी की ख़ुशनुमा तस्वीरों को देखेने के बाद आपका दिल इसे डुबो देने की गवाही नहीं देगा

गहरे हरे रंग के जंगलों के बीच एक नीले पानी वाली साफ नदी जाती है. लम्बी चलने वाली नदी और…

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अब सुनने को नहीं मिलते हैं पहाड़ के मेलों में ‘बैर’

वैरा जिसे बैर भी कहते हैं,  इसका शाब्दिक अर्थ संघर्ष है जो गीत-युद्ध के रूप में गायकों के बीच होता…

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बचपन में दशहरा द्वारपत्र बनाने की ख़ुशगवार याद

जब हम छोटी कक्षाओं के छात्र हुआ करते और बड़े भाई जो घर के मुखिया भी थे, पुरोहिती का कार्य…

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बागेश्वर की चेली जिसके गीत ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया है

बच्चों की प्रतिभा बाल्यकाल में ही पहचान ली जाए तो उसे उचित प्रशिक्षण देकर तराशना आसान हो जाता है. बहुत…

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कोरोना का सत्कार

शीर्षक थोड़ा अटपटा है. धैर्य रखिए, पूरा पढ़ने के बाद समझ में आएगा. ‘अतिथि देवो भव:’ हमारी प्राचीन भारतीय परम्परा…

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दुधबोली बचाने के प्रयास में जुटी हेम और हिमांशु की जोड़ी

किसी भाषा को कैसे बचाया जा सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जिसके बड़े लम्बे चौड़े उत्तर दिये सकते…

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मान्यता है कि कौलाजीत मंदिर में मिलता है सर्प दंश पीड़ित को जीवनदान

केदारखंड के तल्ला नागपुर पट्टी के कान्दी गांव में प्राचीन भगवान कौलाजीत का मंदिर है. कौलाजीत एक प्राचीन ऋषि थे. इस…

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1950 में अयोध्या की स्थिति पर गोविन्द बल्लभ पन्त का विधानसभा में वक्तव्य

अयोध्या का प्रश्न विधानसभा में 31 अगस्त, 1950 में उठा. इसमें मुख्य मुद्दे ज़िले का सांप्रदायिक वातावरण, 6 सितंबर 1950…

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