जन

क्या आप जानते हैं कुमाऊनी में गंध के लिये कितने शब्द हैं?

आज जब हम लोगों को अपने बच्चों के हिंदी बोलने तक में शर्म महसूस होती है ऐसे में अपने बच्चों…

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आषाढ़ की काली धूप संग पहाड़ों में रोपाई

पहाड़ के लोगों और आषाढ़ की काली धूप का हमेशा से गहरा नाता रहा है. आषाढ़ की इसी काली धूप…

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डोका : पहाड़ी महिलाओं के श्रम का साथी

शहरों में हम अपना लैपटॉप बैग पीठ में लगाकर सुबह ही ऑफिस को निकलते हैं तो पहाड़ों में महिलायें पीठ…

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अपने कंधों पर पहाड़ ढोती महिलाएं: कमल जोशी की तस्वीरें

उत्तराखंड के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफर में एक नाम कमल जोशी है. कमल जोशी ने जीवन भर कुमाऊं गढ़वाल के पहाड़ों…

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रोपणी के खेत से जीतू को हर ले गयी आंछरियां

इन दिनों पहाड़ के गांवों के खेतों में रोपाई अर्थात रोपणी की जा रही है. अषाढ़ के महीने की छः…

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बैगा हुड़किया द्वारा कही गयी काला भंडारी की कहानी

पहाड़ की कहानियां जो पिछली सदी में बैगा हुड़किया ने सुनाई थी पादरी ई एस ओकले और तारा दत्त गैरोला…

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सेम मुखेम गांव के पहाड़ों की आवाज

टिहरी गढ़वाल प्रतापनगर तहसील के सेम मुखेम गांव की कहानी जो पलायन के चलते आधे से ज्यादा खाली हो गया…

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फिर आयेगा धुन्नी

मुंशी प्रेमचंद की क्लासिक कहानी 'ईदगाह' की शुरुआत, अगर मुझे ठीक से याद है, तो कुछ इस तरह से है-…

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पहाड़ के चेहरे: कमल जोशी के फोटो

कमल जोशी उत्तराखंड के सबसे प्रतिभावान फोटोग्राफरों में से थे. अपने जीवन के अधिकाँश वर्ष उन्होंने कुमाऊँ-गढ़वाल के पहाड़ों को…

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नंदा देवी की मान्यताएं, इतिहास और नंदा देवी मेला

शायद ही किसी पर्वत से देशवासियों का इतना जीवन्त रिश्ता हो जितना नंदादेवी से उत्तराखंड क्षेत्र के लोगों का है.…

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